Lucknow Blast: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह कुर्सी रोड स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को पास के ट्रॉमा सेंटर और केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना सुबह लगभग 11:30 बजे की है, जब फैक्ट्री में सामान्य रूप से पटाखों का निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक छोटा धमाका हुआ, जिसके तुरंत बाद तेज़ आवाज के साथ पूरी फैक्ट्री में आग लग गई। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि आसपास के मकान और दुकानों तक इसका असर देखने को मिला।

दमकल की पांच गाड़ियाँ मौके पर मौजूद और राहत-बचाव कार्य जारी है। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन बार-बार हो रहे छोटे धमाकों की वजह से राहत कार्य में बाधा आ रही है।
फैक्ट्री लाइसेंस पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, वह घनी आबादी वाले इलाके में स्थित थी। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री का लाइसेंस या तो निलंबित था या अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों में ग़ुस्सा और डर
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार इस फैक्ट्री की सुरक्षा को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों में चल रही सभी पटाखा फैक्ट्रियों की जांच की जाए।
कुर्सी रोड की पटाखा फैक्ट्री में हुआ यह हादसा न केवल लापरवाही का नतीजा है, बल्कि यह प्रशासनिक सुस्ती और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को भी उजागर करता है। उम्मीद है कि इस दुखद घटना के बाद सरकार सजग होकर आवश्यक कदम उठाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।










