Ravishankar Prasad: भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष और खासकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेता पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने, मतदाताओं के अधिकारों का अपमान करने और गठबंधन में दरार पैदा करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या बिहार में अब तेजस्वी यादव “दो नंबर के खिलाड़ी” बन गए हैं?

“तेजस्वी अब पीछे, राहुल आगे?”
रविशंकर प्रसाद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी की यात्राओं में तेजस्वी यादव को पीछे रखा गया, जबकि अखिलेश यादव भी उनके साथ नजर नहीं आए। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या राहुल गांधी ने परिवार में ही मतभेद बढ़ा दिए हैं? मीसा भारती भी राहुल की यात्रा में नहीं दिखीं।”

“EVM का विरोध, बूथ लूट की लालसा?”
राहुल गांधी और उनके सहयोगियों द्वारा EVM पर सवाल उठाने को लेकर रविशंकर प्रसाद ने कहा, “बैलेट पेपर की मांग करना उनकी हताशा को दर्शाता है। बिहार में EVM के आने से बूथ कैप्चरिंग रुकी है। विपक्षी नेता अब इसलिए परेशान हैं क्योंकि वे घुसपैठियों से वोट नहीं डलवा पा रहे हैं।”
राहुल गांधी से तीन बड़े सवाल
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर मतदाता सूची को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए तीन सवाल रखे:
क्या 21 लाख मृत लोगों को वोटर लिस्ट में होना चाहिए?
क्या 7 लाख लोगों के नाम दो जगह पंजीकृत रह सकते हैं?
क्या 35 लाख लोग, जो अब पते पर नहीं रहते, फिर भी सूची में रहें?
उन्होंने कहा कि आपत्तियों के लिए हलफनामा अनिवार्य है, और राहुल गांधी इससे भाग रहे हैं क्योंकि झूठ पकड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
“राहुल गांधी का दोहरा रवैया”
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी ने राफेल, पेगासस जैसे मुद्दों पर बेबुनियाद आरोप लगाए। ऑपरेशन सिंदूर जैसे मौकों पर सेना के शौर्य को सराहा तक नहीं। उनकी हर बात में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।”
“प्रधानमंत्री की मां का अपमान”
भाजपा नेता ने कांग्रेस नेताओं द्वारा पीएम मोदी की मां को अपमानित करने का मुद्दा भी उठाया और पूछा, “क्या राहुल गांधी ने कभी इस पर निंदा की? एक मां का तो सम्मान होना ही चाहिए।”
“बिहार देगा जवाब”
उन्होंने कहा कि 2024 में विपक्ष ने संविधान बदलने का डर फैलाया, जिसका असर यूपी और महाराष्ट्र में देखने को मिला। लेकिन अब जनता को सच समझ आ चुका है। उन्होंने दावा किया, “बिहार में भी कांग्रेस और विपक्ष को जनता करारा जवाब देगी।”
रविशंकर प्रसाद के तीखे सवालों और बयानों से यह स्पष्ट है कि भाजपा अब विपक्षी गठबंधन की एकता, नेतृत्व और रणनीति पर खुलकर हमला करने के मूड में है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी पर उठते सवाल और EVM पर विपक्ष का विरोध 2025 के चुनावी संग्राम की झलक दिखा रहा है।










