Afghanistan Earthquake: भूकंप की भीषण तबाही से जूझ रहे अफगानिस्तान में सोमवार को एक बार फिर धरती कांप उठी। इस बार भूकंप का केंद्र नांगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर से 34 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई।

पहले से तबाही के हालात
इससे पहले रविवार को अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भयंकर भूकंप आया था, जिसने सैकड़ों गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया। कुनार प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहां अकेले 1411 लोगों की मौत हुई। देशभर में अब तक 1400 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और 3000 से अधिक लोग घायल हैं।

हजारों घर जमींदोज
सरकारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, भूकंप से अब तक 5412 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई गांवों में अब भी लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन दुर्गम इलाके, खराब सड़कों और सीमित संसाधनों के कारण अभियान में बाधाएं आ रही हैं।
नई आफत ने बढ़ाई चिंता
सोमवार को आए दूसरे भूकंप ने लोगों के डर और चिंता को और गहरा कर दिया है। पहले से ही झटकों से सहमे लोग घरों में लौटने से कतरा रहे हैं। राहत शिविरों में भीड़ बढ़ गई है और भोजन, पानी और दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार
तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आपातकालीन सहायता की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य मानवाधिकार संगठन प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर पुनर्वास के लिए अधिक संसाधनों की जरूरत है।
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति
कुनार, नांगरहार, पकतिया, और खोस्त – सबसे अधिक प्रभावित प्रांत
मलबे में अब भी कई लोगों के दबे होने की आशंका
स्थानीय अस्पतालों में चोटिलों का इलाज करने की क्षमता से अधिक दबाव
बिजली, संचार और जल आपूर्ति पूरी तरह ठप
विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि अभी और जारी रह सकती है। सरकार और राहत एजेंसियां एहतियात बरतने की अपील कर रही हैं।










