Analog Paneer: पनीर भारतीय खानपान का लोकप्रिय हिस्सा है। खासकर प्रोटीन और कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पनीर को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। घर की सब्जी से लेकर होटल और रेस्टोरेंट के खास व्यंजनों तक पनीर का इस्तेमाल आम है। आम धारणा यही है कि दूध से तैयार होने के कारण पनीर शरीर के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन बाजार में मिलावटी और नॉन-डेयरी पनीर की मौजूदगी ने उपभोक्ताओं के सामने नई चिंता खड़ी कर दी है।

बाजार में बढ़ रही नकली पनीर की चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ जगहों पर पारंपरिक दूध से बने पनीर के बजाय ऐसे उत्पाद बेचे जाते हैं, जिन्हें देखने और स्वाद में सामान्य पनीर जैसा बनाया जाता है। उपभोक्ताओं के लिए केवल देखकर यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि उत्पाद असली डेयरी पनीर है या किसी दूसरे पदार्थ से तैयार किया गया है। कम लागत के कारण ऐसे उत्पाद व्यावसायिक रूप से आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन उनकी पोषण गुणवत्ता पारंपरिक पनीर से अलग हो सकती है।

महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर कार्रवाई
हाल ही में महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई सामने आई। बताया गया कि कुछ नॉन-डेयरी उत्पादों को सामान्य पनीर के तौर पर बेचे जाने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर एनालॉग पनीर की पहचान, उसकी गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है।
आखिर एनालॉग पनीर क्या होता है
फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टर महेंद्र सिंह राजपूत के अनुसार, पारंपरिक पनीर मुख्य रूप से दूध से तैयार किया जाता है और इसमें प्राकृतिक डेयरी प्रोटीन, कैल्शियम तथा अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके विपरीत एनालॉग पनीर में दूध की जगह वनस्पति वसा, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य योजकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए इसे सामान्य दूध से बने पनीर के समान पोषण वाला उत्पाद नहीं माना जाना चाहिए।
स्वाद से पहचानना आसान नहीं
नकली या एनालॉग पनीर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसका रूप, बनावट और स्वाद पारंपरिक पनीर से काफी मिलता-जुलता बनाया जा सकता है। ऐसे में सामान्य उपभोक्ता के लिए केवल स्वाद के आधार पर इसकी पहचान करना कठिन हो सकता है। होटल, ढाबे या रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले पनीर के बारे में ग्राहक को यह जानकारी भी हमेशा स्पष्ट रूप से नहीं मिलती कि वह डेयरी पनीर है या कोई नॉन-डेयरी विकल्प।

असली और एनालॉग पनीर में पोषण का अंतर
विशेषज्ञों के मुताबिक, दूध से बने पारंपरिक पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम सहित कई प्राकृतिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। वहीं एनालॉग पनीर की पोषण संरचना इस्तेमाल किए गए कच्चे माल पर निर्भर करती है। यदि इसमें प्रोटीन कम और स्टार्च या वसा अधिक हो तो इसे हाई-प्रोटीन खाद्य पदार्थ समझकर खाना सही नहीं होगा। इसलिए पनीर को प्रोटीन का स्रोत मानने से पहले उसके वास्तविक स्वरूप और लेबल की जानकारी महत्वपूर्ण है।
अधिक कैलोरी और कम पोषण का खतरा
डॉक्टर के अनुसार, कुछ एनालॉग उत्पादों में रिफाइंड स्टार्च और कम गुणवत्ता वाली वनस्पति वसा का इस्तेमाल हो सकता है। ऐसी स्थिति में उत्पाद से मिलने वाली कैलोरी अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, जबकि प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम मिलें। इसलिए ऐसे उत्पादों का नियमित सेवन संतुलित आहार का विकल्प नहीं माना जा सकता।
मिलावट से माइक्रोबियल खतरा भी संभव
विशेषज्ञों ने यह भी चिंता जताई है कि गलत तरीके से तैयार, संग्रहित या वितरित किए गए पनीर जैसे उत्पादों में माइक्रोबियल या रासायनिक संदूषण का खतरा हो सकता है। खराब स्वच्छता, अनुचित तापमान और लंबे समय तक गलत तरीके से भंडारण करने से खाद्य सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। इसलिए केवल उत्पाद का स्वाद या कीमत देखकर उसकी गुणवत्ता का अनुमान लगाना उचित नहीं है।
बच्चों के लिए ज्यादा सावधानी जरूरी
बच्चों के भोजन में पनीर को अक्सर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानकर शामिल किया जाता है। ऐसे में यदि पारंपरिक पनीर के बजाय कम पोषण वाला या संदिग्ध गुणवत्ता का उत्पाद इस्तेमाल किया जाए तो बच्चों को अपेक्षित पोषक तत्व नहीं मिल पाएंगे। इसलिए बच्चों के लिए डेयरी उत्पाद खरीदते समय गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबल और विश्वसनीय स्रोत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
उपभोक्ताओं के लिए लेबलिंग सबसे अहम
एनालॉग पनीर को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच स्पष्ट लेबलिंग को उपभोक्ता जागरूकता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। खरीदारी करते समय उत्पाद का लेबल, सामग्री, निर्माता, पैकिंग और उपयोग की तारीख जरूर जांचनी चाहिए। पनीर को हमेशा भरोसेमंद स्रोत से खरीदना बेहतर है। किसी उत्पाद को केवल सस्ता या स्वादिष्ट देखकर असली पनीर मान लेना सेहत के लिहाज से सही फैसला नहीं हो सकता।
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