Ofek 19 Launch: इजराइल ने मंगलवार देर रात अपना नवीनतम जासूसी सैटेलाइट ‘ओफेक 19’ सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्च कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह सैटेलाइट योजना के अनुसार कार्य कर रहा है और इजराइल को दुश्मन के हर कदम पर नजर रखने में मदद करेगा। इस सैटेलाइट की मदद से इजराइल 24 घंटे लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए रख सकेगा।

इजराइल के रक्षा मंत्री का बयान
रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने बुधवार को इस सफलता का जश्न मनाते हुए कहा कि ‘ओफेक 19’ उपग्रह का प्रक्षेपण इजराइल की वैश्विक सैन्य और तकनीकी क्षमता का एक बड़ा प्रदर्शन है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ओफेक 19 उपग्रह का लॉन्च सर्वोच्च वैश्विक उपलब्धि है, और केवल कुछ ही देशों के पास ऐसी क्षमताएं हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सैटेलाइट इजराइल के दुश्मनों के लिए एक मजबूत संदेश है कि वे हर समय और हर परिस्थिति में निगरानी में हैं।

ईरान के खतरों से निपटने में मददगार
‘ओफेक 19’ सैटेलाइट का लॉन्च इजराइल और ईरान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के दो महीने बाद आया है। पिछले संघर्ष में इजराइल ने ईरान के परमाणु संयंत्रों पर 1000 किलोमीटर से भी अधिक दूरी से हवाई हमले किए थे। रक्षा मंत्रालय के अनुसंधान एवं विकास निदेशक डैनियल गोल्ड के मुताबिक, इस हमले के संचालन के लिए 12,000 से अधिक उपग्रह चित्रों का उपयोग किया गया था।
सरकारी स्वामित्व वाली इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के CEO बोअज़ लेवी ने बताया कि इस अभियान ने स्पष्ट कर दिया कि उन्नत अवलोकन तकनीकें क्षेत्र में हवाई और जमीनी श्रेष्ठता हासिल करने के लिए बेहद जरूरी हैं। ‘ओफेक 19’ की मदद से इजराइल की निगरानी क्षमताएं और भी सुदृढ़ होंगी, खासकर ईरान जैसे पड़ोसी खतरों से निपटने में।
इजराइल की उपग्रह ताकत
इजराइल ने 1988 में पहला ‘ओफेक’ सैटेलाइट लॉन्च करके अंतरिक्ष शक्तियों के समूह में अपनी जगह बनाई थी। तब से लेकर अब तक, इजराइल ने कई जासूसी सैटेलाइट लॉन्च किए हैं, जो दुश्मन क्षेत्रों की खुफिया जानकारी प्रदान करते हैं। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा भी इजराइल को सेटेलाइट इमेजिंग और अन्य खुफिया सहायता मिलती है, जिससे इजराइल की निगरानी और सुरक्षा क्षमताएं और मजबूत होती हैं।
इजराइल द्वारा ‘ओफेक 19’ सैटेलाइट का सफलतापूर्वक लॉन्च, देश की सुरक्षा और खुफिया निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सैटेलाइट न केवल इजराइल को अपने दुश्मनों की हरकतों पर नजर रखने में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक बल के मामले में भी इजराइल की स्थिति को मजबूत करेगा। इस लॉन्च से यह साफ हो गया है कि इजराइल अपनी तकनीकी और सैन्य क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहा है, जिससे वह अपने पड़ोसी देशों की हरकतों पर कड़ी नज़र रख सके।
Read More : CAA Minorities Allowed: CAA के तहत बिना पासपोर्ट भारत में रह सकेंगे अल्पसंख्यक, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला










