Jharkhand Encounter: बुधवार देर रात झारखंड के पलामू जिले के केदल जंगल में पुलिस और TSPC नक्सलियों के बीच हुई भयंकर मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों की शहादत हो गई। शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पहचान संतन मेहता और सुनील राम के रूप में हुई है। वहीं, इस मुठभेड़ में एक अन्य पुलिसकर्मी रोहित कुमार घायल हो गए हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ की घटना का विवरण
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केदल जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने इलाके में विशेष ऑपरेशन चलाया। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर पता चला था कि नक्सली किसी बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम ने इलाके में छापेमारी शुरू की तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच लगभग एक घंटे तक गोलीबारी चली। पुलिस ने भी मजबूती से जवाबी कार्रवाई की, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।

शहीद पुलिसकर्मियों को दी गई श्रद्धांजलि
मुठभेड़ में शहीद हुए संतन मेहता और सुनील राम को स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। राज्य पुलिस प्रमुख ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान जारी रहेगा और राज्य को नक्सली प्रभावित क्षेत्रों से मुक्त कराने का प्रयास तेज किया जाएगा।
घायल पुलिसकर्मी की हालत
मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मी रोहित कुमार की हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने कहा है कि घायल जवान की हालत में सुधार हो रहा है और वह जल्द स्वस्थ होकर अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे।
नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान
पलामू जिले के केदल जंगल में हुई इस मुठभेड़ से नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई का पता चलता है। सुरक्षा बल लगातार नक्सली गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और समय-समय पर ऐसे ऑपरेशन चलाकर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और जल्द ही पूरे क्षेत्र को नक्सलियों से मुक्त कराया जाएगा।
पलामू के केदल जंगल में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह दिखाया कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए सुरक्षा बलों का मनोबल और मजबूत होगा। सरकार और प्रशासन की ओर से नक्सल प्रभावित इलाकों में बेहतर सुरक्षा और विकास के प्रयास भी तेज किए जा रहे हैं ताकि वहां के लोग शांति और समृद्धि का अनुभव कर सकें।










