Andhra widow murder: आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले में एक और विधवा महिला की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है, जिससे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल फैल गया है। मृतका की पहचान मुसयम पोलम्मा (उम्र 50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो करलापाडु गांव की रहने वाली थीं। यह घटना उसी “पैटर्न” पर हुई है, जिस पर पहले भी जिले में कई अविवाहित और अकेली महिलाओं की हत्याएं हो चुकी हैं।

घर में मिला खून से लथपथ शव
जानकारी के अनुसार, पोलम्मा हर महीने अपनी विधवा पेंशन लेने के लिए गांव आती थीं और कभी-कभी गुंटूर में अपनी बेटी से मिलने जाया करती थीं। इस बार वह 31 अगस्त को पेडागरलापाडु आईं और 1 सितंबर को पेंशन लेकर करलापाडु लौटीं। उन्होंने स्थानीय लोगों को बताया था कि वह अपनी बेटी से मिलने आई हैं।

लेकिन अगली सुबह जब उनके घर का दरवाजा नहीं खुला, और कॉल करने पर भी उन्होंने जवाब नहीं दिया, तो ग्रामीणों को शक हुआ। जब लोग उनके घर पहुंचे तो उन्होंने पोलम्मा को खून से लथपथ हालत में मृत पाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस को नहीं मिला हत्या का स्पष्ट सुराग
पुलिस ने मृतका के रिश्तेदारों और बेटे से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। घर से कोई कीमती सामान गायब नहीं था, जिससे लूट की आशंका कम हो गई है। पुलिस हत्या के मकसद को लेकर अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
चूंकि इलाके में CCTV कैमरे नहीं लगे हैं, इसलिए हत्यारे की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। कॉल डिटेल्स खंगालने के आधार पर पुलिस संभावित संदिग्धों की तलाश में जुटी है। जिला एसपी ने भी मामले का संज्ञान लिया है और विशेष टीम गठित की गई है।
एक ही पैटर्न पर हो रही हैं हत्याएं
पालनाडु जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में अकेली और अविवाहित महिलाओं को निशाना बनाकर की जा रही हत्याओं ने इलाके में सनसनी फैला दी है। लोगों का कहना है कि सभी हत्याएं एक समान पैटर्न पर की गई हैं—अकेली महिलाएं, बिना लूट, घर के अंदर हत्या। इस ताजा वारदात के बाद स्थानीय लोगों में गहरा भय बैठ गया है। महिलाएं अब रात में अकेले रहने से डर रही हैं और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
पुलिस की अपील और आश्वासन
पुलिस का कहना है कि वह जल्द से जल्द मामले का खुलासा करेगी और दोषियों को गिरफ्तार करेगी। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों से बचने और पुलिस को सहयोग करने की अपील की है। पालनाडु की इस ताजा घटना ने न केवल जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में अकेली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी पैदा की है। जब तक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक यह सवाल बना रहेगा—क्या विधवाओं और अकेली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है?










