CM Vishnudev Sai: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने इसे आम जनता और व्यापारिक समुदाय दोनों के लिए “आसान कर प्रणाली और आर्थिक प्रगति की दिशा में क्रांतिकारी कदम” बताया।

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आयकर में ₹12 लाख तक की छूट के बाद अब जीएसटी दरों में भारी कटौती से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाद्य सामग्री, दवाइयाँ, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन उत्पाद, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले की तुलना में काफी सस्ते हो जाएंगे।

सीएम साय ने बताया कि कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। उन्होंने इसे Ease of Doing Business और Ease of Living की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उनका कहना है कि इस निर्णय से जहां आम जनजीवन में सहूलियत बढ़ेगी, वहीं व्यापार और उद्योग जगत को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह नई कर व्यवस्था नवरात्रि पर्व से लागू की जाएगी, जिससे यह पर्व छत्तीसगढ़ और देशवासियों के लिए सुखद और शुभ अवसर बन जाएगा।
https://x.com/vishnudsai/status/1963302572292542472
मुख्यमंत्री साय ने कहा
“छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सरकार आमजन के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों में कटौती की है। इसका उद्देश्य महंगाई को नियंत्रित करना और देश में व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुगम बनाना है।
रोजमर्रा की वस्तुएं व दवाइयां हुईं सस्ती
शिक्षा और कृषि से जुड़ी सामग्रियों पर टैक्स में राहत
कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर 0%
उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी कदम
Ease of Living और Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
यह कदम भारत की कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।










