Mark Zuckerberg politics : मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग जल्द ही अमेरिकी राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। व्हाइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ आयोजित एक डिनर मीटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इस संभावना की ओर संकेत दिया।
मीटिंग के दौरान ब्रिटेन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा हो रही थी, जब एक पत्रकार ने जुकरबर्ग से इस विषय पर प्रतिक्रिया देने को कहा। जुकरबर्ग थोड़े असहज हुए, तो ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा “यही आपके राजनीतिक करियर की शुरुआत है। धीरे-धीरे आप बोलने में माहिर हो जाएंगे।”
जुकरबर्ग की राजनीतिक पारी की अटकलें
इस हल्के-फुल्के लेकिन संकेतात्मक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में जुकरबर्ग के राजनीति में आने की अटकलें शुरू हो गई हैं। 41 वर्षीय जुकरबर्ग ने मीटिंग के बाद ट्रंप से कहा“मुझे उम्मीद नहीं थी कि इस तरह के सवाल उठेंगे।”बता दें, जुकरबर्ग का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था और वो लंबे समय से मेटा के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
टेक इंडस्ट्री से राजनीति में कई चेहरे
टेक्नोलॉजी की दुनिया से राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले विवेक रामास्वामी, एथन अग्रवाल, स्कॉट कुपोर और एलन मस्क जैसे नाम भी राजनीति में उतर चुके हैं। मस्क को ट्रंप सरकार के दौरान प्रशासनिक सलाहकार मंडल में भी शामिल किया गया था।
मेटा का बड़ा निवेश
डिनर मीटिंग में जुकरबर्ग ने बताया कि मेटा 2028 तक अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर (करीब 50 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। ट्रंप के साथ बैठकर जुकरबर्ग ने कहा“डिनर पर बुलाने के लिए धन्यवाद। हमारा निवेश आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।”
एलन मस्क रहे गैरहाजिर
हालांकि, इस अहम मीटिंग में टेस्ला और एक्स (Twitter) के मालिक एलन मस्क नहीं पहुंचे। ट्रंप ने उन्हें न्यौता भेजा था लेकिन मस्क ने अपने प्रतिनिधि को भेजने में ही रुचि दिखाई। सूत्रों के मुताबिक, मस्क और ट्रंप के संबंध हाल के महीनों में ठंडे पड़े हैं।
ट्रंप का बयान और मीटिंग का एजेंडा
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डिनर को “सफल और भविष्यदर्शी” बताया। यह बैठक AI और टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव को लेकर बुलाई गई थी, लेकिन इसके जरिए जुकरबर्ग के संभावित राजनीतिक करियर की भी शुरुआत होती दिख रही है।
मार्क जुकरबर्ग का राजनीति में आना यदि सच होता है, तो यह अमेरिकी राजनीति और टेक्नोलॉजी के रिश्तों में एक बड़ा मोड़ होगा। ट्रंप का बयान संकेत हो सकता है या सिर्फ मजाक, लेकिन जुकरबर्ग की गंभीरता और मेटा का मेगा निवेश यह बताता है कि वो भविष्य में किसी बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।
Read More : GST fraud India: मजदूर के नाम पर 24 करोड़ का फर्जी कारोबार, 4.42 करोड़ का GST नोटिस देख उड़े होश
Mark Zuckerberg politics: राजनीति में उतर सकते हैं मार्क जुकरबर्ग? ट्रंप के बयान से अटकलें तेज़, डिनर मीटिंग में दिए संकेत
Mark Zuckerberg politics : मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग जल्द ही अमेरिकी राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। व्हाइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ आयोजित एक डिनर मीटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इस संभावना की ओर संकेत दिया।
मीटिंग के दौरान ब्रिटेन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा हो रही थी, जब एक पत्रकार ने जुकरबर्ग से इस विषय पर प्रतिक्रिया देने को कहा। जुकरबर्ग थोड़े असहज हुए, तो ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा “यही आपके राजनीतिक करियर की शुरुआत है। धीरे-धीरे आप बोलने में माहिर हो जाएंगे।”
जुकरबर्ग की राजनीतिक पारी की अटकलें
इस हल्के-फुल्के लेकिन संकेतात्मक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में जुकरबर्ग के राजनीति में आने की अटकलें शुरू हो गई हैं। 41 वर्षीय जुकरबर्ग ने मीटिंग के बाद ट्रंप से कहा“मुझे उम्मीद नहीं थी कि इस तरह के सवाल उठेंगे।”बता दें, जुकरबर्ग का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था और वो लंबे समय से मेटा के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
टेक इंडस्ट्री से राजनीति में कई चेहरे
टेक्नोलॉजी की दुनिया से राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले विवेक रामास्वामी, एथन अग्रवाल, स्कॉट कुपोर और एलन मस्क जैसे नाम भी राजनीति में उतर चुके हैं। मस्क को ट्रंप सरकार के दौरान प्रशासनिक सलाहकार मंडल में भी शामिल किया गया था।
मेटा का बड़ा निवेश
डिनर मीटिंग में जुकरबर्ग ने बताया कि मेटा 2028 तक अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर (करीब 50 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। ट्रंप के साथ बैठकर जुकरबर्ग ने कहा“डिनर पर बुलाने के लिए धन्यवाद। हमारा निवेश आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।”
एलन मस्क रहे गैरहाजिर
हालांकि, इस अहम मीटिंग में टेस्ला और एक्स (Twitter) के मालिक एलन मस्क नहीं पहुंचे। ट्रंप ने उन्हें न्यौता भेजा था लेकिन मस्क ने अपने प्रतिनिधि को भेजने में ही रुचि दिखाई। सूत्रों के मुताबिक, मस्क और ट्रंप के संबंध हाल के महीनों में ठंडे पड़े हैं।
ट्रंप का बयान और मीटिंग का एजेंडा
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डिनर को “सफल और भविष्यदर्शी” बताया। यह बैठक AI और टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव को लेकर बुलाई गई थी, लेकिन इसके जरिए जुकरबर्ग के संभावित राजनीतिक करियर की भी शुरुआत होती दिख रही है।
मार्क जुकरबर्ग का राजनीति में आना यदि सच होता है, तो यह अमेरिकी राजनीति और टेक्नोलॉजी के रिश्तों में एक बड़ा मोड़ होगा। ट्रंप का बयान संकेत हो सकता है या सिर्फ मजाक, लेकिन जुकरबर्ग की गंभीरता और मेटा का मेगा निवेश यह बताता है कि वो भविष्य में किसी बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।
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