Gaza Israel conflict: इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध ने एक और खतरनाक मोड़ ले लिया है। इजरायली सेना ने गाजा सिटी में फुल स्केल मिलिट्री ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है और आम नागरिकों को चेतावनी दी है: “गाजा खाली करो, वरना मारे जाओगे।” इजरायल की ओर से गाजा पर पूरी तरह कब्जा करने की योजना अब खुलकर सामने आ गई है।

7 अक्टूबर की डेडलाइन
सूत्रों के मुताबिक, इजरायल सरकार 7 अक्टूबर 2025 से पहले गाजा पर पूर्ण नियंत्रण चाहती है। यह वही तारीख है जब दो साल पहले हमास ने इजरायल पर बड़ा हमला किया था। इस “वॉर एनिवर्सरी” से पहले इजरायली सेना गाजा के सभी बड़े हिस्सों पर कब्जा करना चाहती है।

इसी योजना के तहत गाजा के कई इलाकों में हवाई पर्चे गिराए गए हैं, जिनमें नागरिकों को तत्काल इलाके खाली करने की चेतावनी दी गई है। अगर उन्होंने चेतावनी नहीं मानी, तो हवाई और जमीनी हमलों से उन्हें निशाना बनाया जाएगा।
बंधकों की रिहाई वरना “तबाही”
इजरायल ने साफ कहा है कि अगर साल 2023 में हमास द्वारा बंधक बनाए गए 48 लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो गाजा को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अब समय खत्म हो चुका है, और इजरायल यह युद्ध जीतने के लिए लड़ रहा है, न कि सिर्फ बचाव के लिए।
अमेरिका की भी चेतावनी
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमास को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने युद्धविराम और बंधकों की रिहाई नहीं की, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अमेरिका की ओर से इस मसले पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव दोनों ही डाले जा रहे हैं।
गाजा में गहराता मानवीय संकट
गाजा में हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं: भुखमरी, कुपोषण और महामारी फैल रही है। 641,000 लोग भुखमरी की कगार पर हैं (IPC रिपोर्ट, अगस्त 2025)।चिकित्सा, पानी और भोजन की आपूर्ति पूरी तरह बंद। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग इलाज के अभाव में मर रहे हैं। इजरायल की नाकाबंदी ने मानवीय सहायता को रोक दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में गहरी चिंता है।
नरसंहार और युद्ध अपराध के आरोप
IAGS (Genocide Studies Association) ने सितंबर 2025 में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें गाजा में हो रही कार्रवाई को “नरसंहार” बताया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने UN आपात बैठक बुलाने की मांग की है। इन संस्थाओं का कहना है कि इजरायल द्वारा गाजा में किया जा रहा हमला युद्ध अपराध और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि इजरायल गाजा पर स्थायी कब्जे की रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि, यह कदम मध्य पूर्व में शांति की प्रक्रिया को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। गाजा के नागरिक दो तरफा मार झेल रहे हैं एक ओर हमास की कट्टरता और दूसरी ओर इजरायली हमले।
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