Nepal crisis: नेपाल में लगातार बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक तनाव के बीच अब यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली देश छोड़ सकते हैं। राजधानी काठमांडू में दो हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इनमें से एक हेलिकॉप्टर मंत्रियों के आवास क्षेत्र में उतरा जबकि दूसरा नेपाली सेना का हेलिकॉप्टर त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया। इन घटनाओं के बाद यह अटकलें तेज़ हैं कि पीएम ओली इनमें से किसी एक हेलिकॉप्टर से देश छोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माहौल बेहद अस्थिर बना हुआ है।

राजनीतिक भूचाल के बीच इमरजेंसी मीटिंग
देशभर में हो रहे उग्र प्रदर्शनों और मंत्रियों के इस्तीफों के बीच प्रधानमंत्री ओली ने सोमवार शाम 6 बजे सभी दलों की आपात बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा, “मैं हालात का आकलन करने और सार्थक समाधान खोजने के लिए संबंधित दलों से संवाद कर रहा हूं। इसी सिलसिले में आज शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। मैं सभी भाइयों-बहनों से विनम्र अनुरोध करता हूं कि इस कठिन समय में शांति बनाए रखें।” इस बयान से स्पष्ट है कि सरकार स्थिति से बुरी तरह हिल चुकी है और प्रधानमंत्री अब गठबंधन बचाने की कोशिशों में जुटे हैं।

क्यों बढ़ी पीएम के पलायन की आशंका?
राजधानी में हेलिकॉप्टर की संदिग्ध गतिविधि,मंत्रियों के घरों और पीएम आवास पर बढ़ती हिंसा, त्रिभुवन एयरपोर्ट बंद, लेकिन सेना का हेलिकॉप्टर वहां सक्रिय, कई मंत्रियों और गठबंधन सहयोगियों के इस्तीफे, इन संकेतों ने अफवाहों को और बल दिया है कि पीएम ओली देश से बाहर जाने की तैयारी कर सकते हैं।
देश में बेकाबू हालात
राष्ट्रपति और पीएम के आवास पर हमले,अब तक 21 लोगों की मौत, 400+ घायल,संसद की ओर बढ़ रही भीड़, सोशल मीडिया से शुरू हुआ #GenZProtest अब सड़कों पर हावी, एयरपोर्ट बंद, विदेशी राजनयिक मिशन सतर्क।
सरकार संकट में
नेपाली कांग्रेस, जो गठबंधन सरकार की बड़ी भागीदार है, अपने सभी मंत्रियों का इस्तीफा ले चुकी है। उप प्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह से लेकर स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा और पर्यटन मंत्रियों तक ने पद छोड़ दिया है। गठबंधन सरकार अब बिखराव की कगार पर है। प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे या पलायन की स्थिति में नेपाल में नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो सकता है। फिलहाल सभी की नजरें शाम 6 बजे होने वाली सर्वदलीय बैठक पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि नेपाल अब किस दिशा में जाएगा।

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