Bilaspur Congress rally: कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने बिलासपुर में आयोजित ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ सभा में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। पायलट ने कहा, “वोट चोरी में दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। भाजपा की डबल इंजन सरकार केवल धुआं फेक रही है और जनता उनकी राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी।”



भूपेश बघेल ने भाजपा पर किया तीखा प्रहार
सभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कांग्रेस नेताओं से निवेदन किया कि वे हार की जिम्मेदारी खुद न लें बल्कि साफ कहें कि भाजपा ने वोट चोरी की वजह से उनकी हार हुई। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त को वोट चोरी के प्रमाण भी पेश किए हैं। बघेल ने कहा कि जल्द ही वोट चोरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू होगा, जिसे उन्होंने ‘हाइड्रोजन बम’ की तरह बताया।
दीपक बैज का चुनाव आयोग और भाजपा पर आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बैज ने भाजपा और चुनाव आयोग के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग आज कठघरे में है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की जनता बेहाल हो चुकी है। किसान, शिक्षा, बिजली जैसे मुद्दों पर सरकार बिल्कुल नाकाम है। तीन साल बाद जनता सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है।” बैज ने विशेष रूप से बस्तर इलाके में बिगड़ती law & order स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को राज्य के हर कोने तक लेकर जाएंगे।
सचिन पायलट का चुनाव आयोग और भाजपा पर बड़ा बयान
रायपुर में भी पायलट ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधा था। बिलासपुर सभा में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की इमारत को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव आयोग के अध्यक्ष का चयन तीनों पक्षों- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की सहमति से होता था, लेकिन अब पीएम और गृह मंत्री इसमें प्रभुत्व रख रहे हैं।
पायलट ने कहा, “बीजेपी चाहती है कि देश में केवल एक विचारधारा चले। हम चुनाव आयोग से सवाल पूछते हैं, जवाब बीजेपी के नेता देते हैं। जो वोट चोरी करके सत्ता पर काबिज हैं, जनता उन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी।” उन्होंने केंद्र सरकार पर ईडी, सीबीआई जैसे एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस की मजबूत सक्रियता
पायलट ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की जिम्मेदार और अनुशासित पार्टी है। उन्होंने भाजपा की भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पक्षपात को उजागर करते हुए कहा कि जनता के बीच जाकर कांग्रेस आगामी चुनाव में मजबूती से लड़ाई लड़ेगी। सभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ-साथ ताम्रध्वज साहू, मोहन मरकाम, उमेश पटेल, अमरजीत भगत, अनिला भेड़िया, धनेंद्र साहू और अरुण वोरा भी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का यह जोरदार अभियान भाजपा की कथित चुनावी गड़बड़ियों और जनहितों की अनदेखी पर केंद्रित है। ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ नारे के साथ कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अगले चुनावों में भाजपा की नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे। यह सभा प्रदेश में चुनावी माहौल को और गरमा देने वाली साबित होगी।
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