PM Modi Seychelles : हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं और ‘विजन महासागर’ को नई ऊर्जा देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक ‘गोल्डन जुबली’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राजधानी विक्टोरिया में आयोजित भव्य परेड के दौरान एक अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों को मार्च करते देख प्रधानमंत्री मोदी सम्मानस्वरूप अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ भारतीय जवानों का उत्साहवर्धन किया, जो विदेशी धरती पर भारत की बढ़ती सैन्य साख का एक सशक्त उदाहरण था।

असम रेजिमेंट के जोश और भारतीय नौसेना की धुन का जादू
परेड ग्राउंड में जैसे ही भारतीय सेना की गौरवशाली ‘असम रेजिमेंट’ का मार्चिंग दस्ता आगे बढ़ा, पूरा माहौल देशभक्ति और जोश से भर गया। रेजिमेंट के जवानों ने अपना पारंपरिक और प्रेरणादायक गीत ‘बदलू राम का बदन जमीन के नीचे है…’ गाया, तो वहां मौजूद सभी अंतरराष्ट्रीय मेहमान और सेशेल्स के नागरिक मंत्रमुग्ध रह गए। द्वितीय विश्व युद्ध के शहीद सूबेदार बदलू राम के सम्मान में गाया जाने वाला यह लोकगीत वीरता का प्रतीक है। इसके साथ ही, भारतीय नौसेना के बैंड ने ‘ब्रीजेस ऑफ फ्रेंडशिप’ की धुन बिखेरते हुए दोनों देशों के बीच अटूट मित्रता का संदेश दिया।

रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई: भारत ने दिए आधुनिक सैन्य उपकरण
सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारत ने अपनी नौसैनिक क्षमता और रक्षा सहयोग का भी प्रदर्शन किया। भारत के आधुनिक युद्धपोत INS तरकश और स्वदेश निर्मित खोजी जहाज INS इक्षक इस अवसर पर सेशेल्स के पोर्ट पर तैनात रहे। रक्षा संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज (SDF) को भारत द्वारा निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ (जिसका क्रेओल भाषा में अर्थ ‘उम्मीद’ है) उपहार में दिया। इसके अलावा, 10 उपयोगिता वाहन, 5 लेजर रेडियल बोट और 6 आधुनिक एम्बुलेंस भी सेशेल्स को सौंपी गईं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती सुरक्षा साझेदारी को दर्शाती हैं।
कूटनीतिक सक्रियता: विपक्ष से संवाद और मॉरीशस के प्रधानमंत्री से बैठक
अपनी तीन दिवसीय इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने सेशेल्स की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान प्रकट किया। उन्होंने वहां के विपक्षी नेता बर्नार्ड जॉर्ज से मुलाकात की और सेशेल्स की संसद में भारत-सेशेल्स संबंधों को मिल रहे सर्वसम्मत समर्थन के लिए आभार जताया। साथ ही, सेशेल्स में ही मौजूद मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस मुलाकात में भारत-मॉरीशस की ‘एन्हांस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ की समीक्षा की गई, जिसमें कौशल विकास, रक्षा सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्योन्मुखी विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
WATCH || Indian Army's Assam Rifles contingent and Indian Navy marching band participate in Seychelles' Golden Jubilee celebrations. The INS Tarkash contingent, including 29 personnel led by Sub Lt Nag Dev, represents the Indian Navy.@PMOIndia @MEAIndia @MIB_India @PIB_India… pic.twitter.com/fZ6vXpbml7
— DD India (@DDIndialive) June 28, 2026
भारत-सेशेल्स की अटूट मित्रता: साझा भविष्य के लिए प्रतिबद्धता
सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि भारत और सेशेल्स के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, अटूट विश्वास और आपसी सम्मान की मजबूत नींव पर आधारित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस द्वीप राष्ट्र की सुरक्षा, संप्रभुता और समृद्धि के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। यह यात्रा न केवल भारत के हिंद महासागर में बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ विकास का साझा सफर तय करने में विश्वास रखता है। पीएम मोदी की यह यात्रा सेशेल्स के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गई है, जिसने दोनों राष्ट्रों के बीच भविष्य के सहयोग के नए द्वार खोल दिए हैं।
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