Sachin Pilot Chhattisgarh: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे प्रदेश के आठ जिलों में चल रहे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। उनके आगमन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिली है।

16 सितंबर: झारसुगुड़ा से रायगढ़ और कोरबा तक
सचिन पायलट 16 सितंबर को शाम 4 बजे झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से रायगढ़ पहुंचेंगे। यहां वे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के तहत हस्ताक्षर अभियान और पदयात्रा में शामिल होंगे। शाम 5:30 बजे पायलट रायगढ़ से कोरबा के लिए रवाना होंगे, जहां रात 7:30 बजे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली एवं हस्ताक्षर अभियान’ आयोजित किया जाएगा।

17 सितंबर: बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा और राजनांदगांव में कार्यक्रम
दूसरे दिन सचिन पायलट सुबह 10 बजे कोरबा से रतनपुर (जिला बिलासपुर) के लिए प्रस्थान करेंगे। 11:30 बजे रतनपुर में स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे तखतपुर के लिए रवाना होकर 12:30 बजे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली’ में भाग लेंगे। दोपहर 2 बजे मुंगेली के लिए निकलेंगे और 2:30 बजे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली एवं पदयात्रा’ में सम्मिलित होंगे। शाम 4 बजे बेमेतरा के लिए प्रस्थान करेंगे और 4:30 बजे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली’ में हिस्सा लेंगे। शाम 6 बजे राजनांदगांव के लिए रवाना होंगे और रात 8 बजे वहां पहुंचेंगे।
18 सितंबर: दुर्ग और राजनांदगांव में अभियान जारी
तीसरे दिन पायलट सुबह 11 बजे राजनांदगांव में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली एवं पदयात्रा’ में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे दुर्ग के लिए प्रस्थान कर 12:30 बजे वहां रैली में भाग लेंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे भिलाई के लिए निकलेंगे और 2:45 बजे भिलाई पहुंचकर अभियान जारी रखेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से होगा संवाद
इस दौरान सचिन पायलट प्रदेश के विभिन्न जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सीधे रूबरू होंगे। वे पार्टी के जिला और ब्लॉक स्तर की राजनीतिक गतिविधियों और पीसीसी के कामकाज की समीक्षा करेंगे। हाल ही में पार्टी में उठे अंतर्कलह के सवालों पर भी चर्चा कर कार्यकर्ताओं के बीच एकता कायम करने का प्रयास किया जाएगा।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान का उद्देश्य
यह अभियान कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसका मकसद राजनीतिक भ्रष्टाचार और पदों पर गैरजिम्मेदार लोगों को हटाकर पार्टी में सशक्त नेतृत्व को बढ़ावा देना है। पार्टी का दावा है कि यह अभियान जनता के बीच कांग्रेस की विश्वसनीयता बढ़ाने और आगामी चुनावों में मजबूती लाने में मदद करेगा।
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