Rajya Sabha Oath : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को एक गरिमामयी समारोह में संसद के उच्च सदन के सदस्य के रूप में दोबारा शपथ ली। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने चैंबर में उन्हें हिंदी भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खरगे हाल ही में कर्नाटक राज्य से लगातार दूसरी बार उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए हैं। यह शपथ ग्रहण उनके लंबे और बेदाग राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस अवसर पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने समारोह की गंभीरता को और बढ़ा दिया।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ शपथ समारोह
इस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भारतीय राजनीति के कई बड़े चेहरे उपस्थित रहे। राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, सदन के नेता जे. पी. नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने इस विशेष मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन शीर्ष नेताओं की मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे का कद और उनकी भूमिका आगामी सत्रों में कितनी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

‘जनता की आवाज उठाना मेरा सर्वोच्च संवैधानिक दायित्व’: खरगे
शपथ लेने के बाद 83 वर्षीय अनुभवी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि दोबारा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेना और विपक्ष के नेता की भूमिका निभाना उनके लिए गर्व और एक बड़ी जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा, “मैं जनता की चिंताओं, आकांक्षाओं और उनकी आवाज़ को पूरी ईमानदारी व संकल्प के साथ संसद में उठाता रहूंगा। जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है और मैं इस दायित्व को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने के लिए तैयार हूँ।”
मानसून सत्र में विपक्ष की एकजुटता और सरकार को घेरने की रणनीति
खरगे ने आगामी मानसून सत्र को लेकर एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के तमाम सहयोगी दलों का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के बीच और बेहतर समन्वय देखने को मिलेगा। उनके अनुसार, बढ़ते आपसी सहयोग से जनहित के मुद्दों पर सरकार को अधिक जवाबदेह बनाया जा सकेगा। खरगे ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति, उपसभापति के साथ-साथ सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी निरंतर विश्वास बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।
मल्लिकार्जुन खरगे का शानदार संसदीय और राजनीतिक सफर
मल्लिकार्जुन खरगे का राजनीतिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 1972 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और लगातार 9 बार विधायक चुने गए। वे कर्नाटक सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों के मंत्री रहे और 1999 से 2004 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। इसके बाद 2009 और 2014 में उन्होंने लोकसभा के लिए निर्वाचित होकर केंद्र की राजनीति में कदम रखा। संप्रग (UPA-2) सरकार में रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री के रूप में कार्य करने वाले खरगे 2014 से 2019 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी रहे। अक्टूबर 2022 में उन्हें कांग्रेस का 98वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, और वर्तमान में वे राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
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