India Pakistan: भारत-पाक बातचीत पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान,”भारत को तीसरा पक्ष मंजूर नहीं”

India Pakistan: भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से ठप्प पड़ी बातचीत पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। इस बार खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने यह स्वीकार किया है कि भारत को किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता मंजूर नहीं है, और वह सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत करना चाहता है। यह बयान भारत के उस रुख की पुष्टि करता है जो वह हमेशा से दोहराता आया है कि भारत-पाक मसलों में किसी बाहरी ताकत की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। अमेरिका को भी भारत ने दिया स्पष्ट संदेश पाक विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जुलाई 2025 में अमेरिकी विदेश मंत्री से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने भारत-पाक बातचीत के बारे में पूछा था। इस पर पाकिस्तान ने जवाब दिया कि भारत किसी तीसरे पक्ष को बातचीत का हिस्सा बनाना नहीं चाहता, और उसका रुख साफ है कि वह केवल सीधे पाकिस्तान से ही बात करेगा। डार ने कहा कि भारत का यह रुख नया नहीं है और पाकिस्तान भी भीख मांगने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान शांति में विश्वास रखता है और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सम्मानजनक शर्तों पर। “हम भीख नहीं मांग रहे, हम शांति चाहते हैं” पाकिस्तान के विदेश मंत्री का यह बयान उस वक्त आया है जब भारत-पाक के बीच रिश्ते लगातार तनावपूर्ण हैं। कश्मीर, सीमा पार आतंकवाद, और राजनीतिक बयानबाजी दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार की औपचारिक वार्ता की राह में रोड़ा बनी हुई है। डार ने कहा, “हम शांति प्रिय देश हैं। भारत से बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन स्वाभिमान और संप्रभुता के साथ। किसी तीसरे देश को शामिल करने की हमारी कोई शर्त नहीं, लेकिन भारत खुद नहीं चाहता कि कोई तीसरा पक्ष हो।” भारत की नीति स्पष्ट भारत सरकार की विदेश नीति हमेशा से यह रही है कि भारत-पाक विवाद एक द्विपक्षीय मसला है और इसका समाधान सिर्फ बातचीत से और आपसी सहमति से ही संभव है। चाहे वह कश्मीर हो, व्यापारिक रिश्ते हों या फिर सीमाई मसले – भारत किसी अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता। 2019 में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध रोकने के दावे पर भी भारत ने सख्त आपत्ति जताई थी और इसे पूरी तरह झूठा और तथ्यहीन बताया था। अब पाकिस्तान द्वारा खुद इस बात की पुष्टि करना भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का यह बयान भारत की विदेश नीति के पक्ष में एक बड़ा संकेत है। इससे यह साफ होता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत है और भारत-पाक मसलों पर उसका रुख निर्णायक और स्पष्ट है। अब यह देखना होगा कि क्या दोनों देशों के बीच आने वाले समय में बातचीत की कोई नई राह खुलती है या यह मामला फिर से राजनीतिक बयानबाजियों में उलझ कर रह जाता है। Read More  : Chhattisgarh Naxal: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर पुलिस का सख्त अभियान, रामदेर को सीसी मेंबर बनाना बड़ी चुनौती

India Pakistan: भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से ठप्प पड़ी बातचीत पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। इस बार खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने यह स्वीकार किया है कि भारत को किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता मंजूर नहीं है, और वह सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत करना चाहता है। यह बयान भारत के उस रुख की पुष्टि करता है जो वह हमेशा से दोहराता आया है कि भारत-पाक मसलों में किसी बाहरी ताकत की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी।

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अमेरिका को भी भारत ने दिया स्पष्ट संदेश

पाक विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जुलाई 2025 में अमेरिकी विदेश मंत्री से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने भारत-पाक बातचीत के बारे में पूछा था। इस पर पाकिस्तान ने जवाब दिया कि भारत किसी तीसरे पक्ष को बातचीत का हिस्सा बनाना नहीं चाहता, और उसका रुख साफ है कि वह केवल सीधे पाकिस्तान से ही बात करेगा।

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डार ने कहा कि भारत का यह रुख नया नहीं है और पाकिस्तान भी भीख मांगने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान शांति में विश्वास रखता है और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सम्मानजनक शर्तों पर।

“हम भीख नहीं मांग रहे, हम शांति चाहते हैं”

पाकिस्तान के विदेश मंत्री का यह बयान उस वक्त आया है जब भारत-पाक के बीच रिश्ते लगातार तनावपूर्ण हैं। कश्मीर, सीमा पार आतंकवाद, और राजनीतिक बयानबाजी दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार की औपचारिक वार्ता की राह में रोड़ा बनी हुई है।

डार ने कहा, “हम शांति प्रिय देश हैं। भारत से बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन स्वाभिमान और संप्रभुता के साथ। किसी तीसरे देश को शामिल करने की हमारी कोई शर्त नहीं, लेकिन भारत खुद नहीं चाहता कि कोई तीसरा पक्ष हो।”

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भारत की नीति स्पष्ट

भारत सरकार की विदेश नीति हमेशा से यह रही है कि भारत-पाक विवाद एक द्विपक्षीय मसला है और इसका समाधान सिर्फ बातचीत से और आपसी सहमति से ही संभव है। चाहे वह कश्मीर हो, व्यापारिक रिश्ते हों या फिर सीमाई मसले – भारत किसी अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता।

2019 में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध रोकने के दावे पर भी भारत ने सख्त आपत्ति जताई थी और इसे पूरी तरह झूठा और तथ्यहीन बताया था। अब पाकिस्तान द्वारा खुद इस बात की पुष्टि करना भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का यह बयान भारत की विदेश नीति के पक्ष में एक बड़ा संकेत है। इससे यह साफ होता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत है और भारत-पाक मसलों पर उसका रुख निर्णायक और स्पष्ट है।

अब यह देखना होगा कि क्या दोनों देशों के बीच आने वाले समय में बातचीत की कोई नई राह खुलती है या यह मामला फिर से राजनीतिक बयानबाजियों में उलझ कर रह जाता है।

Read More  : Chhattisgarh Naxal: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर पुलिस का सख्त अभियान, रामदेर को सीसी मेंबर बनाना बड़ी चुनौती

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