Ramgarh Mountain Dispute : रामगढ़ पर्वत, जो सरगुजा जिले की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, इन दिनों खदानों में हो रही लगातार ब्लास्टिंग की वजह से खतरे के घेरे में आ गया है। पर्वत पर मौजूद प्राचीन राममंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों और चट्टानों में आई दरारों ने संभावित भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा बढ़ा दिया है। इसी गंभीर परिस्थिति को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का एक दल मंगलवार को मौके पर पहुंचा और विस्तृत निरीक्षण किया।



जांच दल को क्या मिला
जांच दल ने मंदिर परिसर और रास्ते का मुआयना करते हुए पाया कि ब्लास्टिंग से पूरा पर्वत कंपन करता है। मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों और सिंहद्वार की चट्टानों में गहरी दरारें आ चुकी हैं। साथ ही सीढ़ियों की दरारें विगत वर्षों में लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। भविष्य में ब्लास्टिंग जारी रहने पर लैंडस्लाइड का खतरा निश्चित है, जिससे मंदिर तक पहुंचना नामुमकिन हो सकता है।
स्थानीय निवासियों और समिति के साथ चर्चा
दल ने मौके पर मौजूद मंदिर के बैगा चंदन सिंह सहित स्थानीय निवासियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि खदानों की ब्लास्टिंग ने पूरे पर्वत की नींव को हिला दिया है। यही वजह है कि मंदिर क्षेत्र अब खतरे के मुहाने पर खड़ा है।
इसके अलावा जांच दल ने रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्द्धन समिति के सदस्य राजनाथ सिंह, अमृत यादव, नंदा राम और मधु पंडो से भी मुलाकात की। समिति ने स्पष्ट किया कि अगर तत्काल प्रभाव से खदानों की गतिविधियों पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में रामगढ़ पर्वत का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा
“रामगढ़ पर्वत केवल एक प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि सरगुजा की धार्मिक आस्था और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। खदानों में चल रही ब्लास्टिंग यहां के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो सरगुजा की पहचान माने जाने वाला रामगढ़ पर्वत ढह जाएगा।”
उन्होंने बताया कि इस निरीक्षण के निष्कर्षों को विस्तार से जनता और मीडिया के साथ साझा करने के लिए बुधवार, 17 सितंबर को एक प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी।
निरीक्षण दल में शामिल प्रमुख नाम
निरीक्षण दल में अजय अग्रवाल (पूर्व उपाध्यक्ष, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति), शफी अहमद (निगम में नेता प्रतिपक्ष), द्वितेन्द्र मिश्रा (पीसीसी महामंत्री), हेमंत सिन्हा (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, शहर), विनय शर्मा (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, ग्रामीण), विनीत विशाल जायसवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
साथ ही जनपद पंचायत उदयपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह और अन्य स्थानीय नेता—सत्येन्द्र सिंह, अमित सिंहदेव, अनिल सिंह, अनूप मेहता, गुरुप्रीत सिद्धू, विकल झा, सतीश बारी, विकास शर्मा, वीरेंद्र सिंह, सतीश यादव, रोहित टेकाम, त्रिलोचन सिंह, देवलाल यादव, सूरज यादव, राम सिंह, सोमू, शुभम पाण्डे, हर्षवर्धन सिंह, भूपेंद्र गुंजन, नंदलाल, अयांश, ओम्कारेश्वर आदि भी उपस्थित रहे।










