Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कर बधाई दी। यह फोन कॉल सिर्फ शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (BTA) और यूक्रेन संघर्ष जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा: “मेरे मित्र, राष्ट्रपति ट्रंप, मेरे जन्मदिन पर आपकी शुभकामनाओं और फोन कॉल के लिए धन्यवाद। आपकी तरह, मैं भी भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हम यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आपकी पहल का समर्थन करते हैं।”

ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक बातचीत
डोनाल्ड ट्रंप का यह फोन ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर वार्ता का नया दौर शुरू हो चुका है। मंगलवार को दोनों देशों के वरिष्ठ व्यापार प्रतिनिधियों के बीच करीब 7 घंटे तक चली बैठक में व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और MSME सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार,
“बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार की अहमियत को स्वीकार किया और व्यापार समझौते को शीघ्रता से अंतिम रूप देने पर सहमति जताई। बातचीत सकारात्मक और भविष्य केंद्रित रही।”
यूक्रेन संकट पर भी चर्चा
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ। पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में उठाए गए प्रयासों की सराहना की। भारत पहले ही ‘युद्ध नहीं, वार्ता’ की नीति का समर्थन करता आया है और इस दिशा में कोई भी वैश्विक पहल उसके लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूती
डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच हमेशा से व्यक्तिगत समीकरण अच्छे रहे हैं। ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ‘Howdy Modi’ और ‘Namaste Trump’ जैसे कार्यक्रमों ने दोनों देशों की जनता को भी करीब लाया था। ऐसे में ट्रंप का यह फोन संकेत देता है कि भविष्य में भी भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती की संभावना बनी हुई है, चाहे अमेरिका में राजनीतिक परिदृश्य कुछ भी हो।
डोनाल्ड ट्रंप का यह फोन कॉल केवल एक औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है। व्यापार समझौता हो या वैश्विक सुरक्षा मुद्दे—दोनों नेता एक-दूसरे की प्रतिबद्धता को महत्व देते नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में इस रिश्ते को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।










