Bhaskarpara Coal Project : सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत खाड़पारा स्थित भास्करपारा कोयला परियोजना एक बार फिर विवादों के घेरे में है। प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर ग्रामीणों ने मनमानी और अवैध खनन का आरोप लगाते हुए रविवार को नरेंद्र साहू के नेतृत्व में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए। दबाव के बाद कंपनी ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तीन ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों की प्रतियां ग्रामीणों को सौंपी। इसके बाद आंदोलन तो समाप्त हुआ, लेकिन विवाद और गहरा गया।

फर्जी प्रस्ताव का आरोप, कोर्ट जाने की चेतावनी
धरना समाप्त होने के बाद नरेंद्र साहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी ने ग्राम सभा के फर्जी प्रस्ताव तैयार किए हैं और इस मामले को लेकर वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएँगे। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना से आठ ग्राम पंचायतें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन कंपनी ने केवल तीन पंचायतों की सहमति का हवाला देकर खनन कार्य को सही ठहराने की कोशिश की है।

सरपंच को धमकी, धक्का-मुक्की का मामला
धरना खत्म होने के कुछ घंटे बाद ही विवाद ने नया मोड़ ले लिया। ग्राम खाड़ापारा के सरपंच रामधारी सिंह के घर कुछ लोग पहुँच गए। ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच की तबीयत खराब थी और वे घर पर आराम कर रहे थे, लेकिन उन्हें बाहर बुलाकर पेट्रोल पंप के पास ले जाया गया। वहां कंपनी के प्रस्ताव को दिखाते हुए उनसे सवाल-जवाब किए गए और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान नरेंद्र साहू भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की।
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पहले भी हो चुका विरोध प्रस्ताव पारित
गौरतलब है कि 6 जून को कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पंचायत केवरा, दनौली और खाड़ापारा में ग्राम सभाएं आयोजित की गई थीं। इन ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने कंपनी की मनमानी खनन गतिविधियों का विरोध करते हुए प्रस्ताव पारित किया था और उसे कलेक्टर को सौंपा गया था। इसके बावजूद कंपनी द्वारा बिना सभी पंचायतों की सहमति के खनन कार्य किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है।










