Trump vs Keir Starmer: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन की उस योजना को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की बात कही गई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में इस ऐतिहासिक घोषणा करने वाले थे, लेकिन ट्रंप ने लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका कड़ा विरोध किया।

ट्रंप ने कहा, “मैं पूरी तरह से असहमत हूं कि फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्वीकार किया जाए। हम फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश नहीं बना सकते।” उन्होंने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास द्वारा किए गए हमले को नरसंहार करार देते हुए कहा कि उस दिन की घटना विश्व इतिहास के सबसे भयावह और हिंसक पलों में से एक थी।

ट्रंप ने कहा-‘हमास में इंसानियत नहीं बची’
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमास ने इजरायल के लोगों को बंधक बना लिया है और उन बंधकों की रिहाई सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमास ने गाजा को नरक बना दिया है और वह लोगों को अपनी ढाल बनाकर इस्तेमाल कर रहा है। हमें इस लड़ाई का जल्द अंत करना होगा।”
ट्रंप की यह टिप्पणी इस समय आई है जब विश्वभर के कई देश, विशेषकर ब्रिटेन, फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की कोशिश कर रहे हैं ताकि गाजा में चल रहे मानवीय संकट को हल किया जा सके।
कीर स्टारमर का स्टैंड-‘फिलिस्तीन को मान्यता देना जरूरी’
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा है कि गाजा की वर्तमान स्थिति बेहद गंभीर है और वहां जल्द से जल्द मानवीय सहायता पहुंचानी होगी। इसके लिए फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देना अनिवार्य है।

स्टारमर ने साफ किया कि ब्रिटेन हमास को आतंकवादी संगठन मानता है, लेकिन एक स्वतंत्र फिलिस्तीन में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी। उन्होंने कहा, “जब फिलिस्तीन स्वतंत्र होगा तो वहां की सेना और पुलिस व्यवस्था काम करेगी और आतंकवाद का सफाया होगा।”
गाजा की तबाही और मानवीय संकट
गाजा पिछले तीन वर्षों से इजरायल और हमास के बीच जारी जंग का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इस युद्ध में गाजा का बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो चुका है। वहां महामारी, अकाल और कुपोषण जैसी गंभीर समस्याएं फैली हुई हैं। हजारों लोग भूख-प्यास से जूझ रहे हैं और स्थिति दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है।
अमेरिका समेत कई विश्व देश इस युद्ध को जल्द खत्म कराने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमास की जिद के कारण शांति स्थापित नहीं हो पा रही है। इस बीच, भारत और कई अन्य देश भी फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने के पक्ष में हैं, ताकि गाजा में राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
डोनाल्ड ट्रंप का ब्रिटेन के फैसले का विरोध इस विवादित मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति की जटिलताओं को दर्शाता है। फिलहाल, फिलिस्तीन के स्वतंत्र राष्ट्र बनने को लेकर वैश्विक स्तर पर मतभेद जारी हैं। जबकि ब्रिटेन जैसे कई देश मानवीय संकट के कारण इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, वहीं अमेरिका फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने के खिलाफ सख्त रुख पर कायम है।
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