Netherlands immigration protest: नीदरलैंड के द हेग शहर में शनिवार को शरणार्थियों की बढ़ती संख्या और इमिग्रेशन पॉलिसी के विरोध में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस समय और भी संवेदनशील बन गया जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब 29 अक्टूबर 2025 को नीदरलैंड में राष्ट्रीय चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदर्शन को चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाला एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। क्या हुआ प्रदर्शन में? स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल लोगों ने डच झंडों के साथ-साथ दक्षिणपंथी समूहों के झंडे भी लहराए और उग्र नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी।एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया गया।कुछ देर के लिए नज़दीकी हाईवे को बंद कर दिया गया।सेंटर-लेफ्ट डट पार्टी के मुख्यालय की खिड़कियों को भी तोड़ दिया गया। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां स्थानीय प्रशासन के अनुसार:अब तक 30 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।पुलिस का कहना है कि अभी और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं क्योंकि जांच जारी है। डच नेता का कड़ा बयान सेंटर-लेफ्ट डट पार्टी के नेता रॉब जेटेन ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:“गुंडे। तुम राजनीतिक दलों पर हाथ नहीं डाल सकते। अगर तुम्हें लगता है कि तुम हमें डरा सकते हो, तो तुम गलत हो। हम कभी भी चरमपंथी दंगाइयों को हमारा देश छीनने नहीं देंगे।”उनका यह बयान विपक्ष और आम जनता में तेजी से वायरल हो रहा है। शरणार्थियों की संख्या में इज़ाफा नीदरलैंड में इस साल अब तक 44,055 शरणार्थी और उनके परिवार के सदस्य आ चुके हैं।इनमें से 44% शरणार्थी सीरिया से आए हैं।वहीं इराक, तुर्की, इरिट्रिया और यमन से आने वालों की संख्या लगभग 5% है।इस बढ़ती शरणार्थी संख्या को लेकर आम नागरिकों और दक्षिणपंथी दलों में आक्रोश देखा जा रहा है। चुनाव से पहले बढ़ी चिंता यह हिंसक प्रदर्शन ऐसे समय सामने आया है जब देश 29 अक्टूबर को आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है। इमिग्रेशन नीति और शरणार्थियों की संख्या अब चुनावी बहस का केंद्र बिंदु बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ऐसी और घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। द हेग में हुआ यह हिंसक प्रदर्शन नीदरलैंड के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक माहौल की गंभीरता को दर्शाता है। बढ़ती शरणार्थी संख्या, कठोर इमिग्रेशन पॉलिसी और चुनावी समीकरणों के बीच यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और गहराता दिख सकता है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। Read More : CG Weather Update Today: जाते-जाते तांडव मचाएगा मानसून, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
















