Russia Ukraine conflict: रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। हाल ही में रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला करते हुए 40 मिसाइलें और 580 ड्रोन दागे, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इसी हमले के तुरंत बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका दौरे का ऐलान किया है, जहां वे अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिस्सा लेंगे और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है जब ट्रंप 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं और रिपब्लिकन पार्टी में उनका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रंप इस मुलाकात के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध पर कोई बड़ा बयान या संभावित नीति बदलाव की घोषणा कर सकते हैं। रूस का हमला और बढ़ती चिंताएं रूस द्वारा शुक्रवार देर रात किया गया यह हमला अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने टार्नोपिल, खारकीव और ओडेसा जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। हालांकि यूक्रेनी सेना ने कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन नुकसान गंभीर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला रूस की रणनीतिक आक्रामकता को दर्शाता है, जो युद्ध को और अधिक खतरनाक मोड़ पर ले जा सकता है। जेलेंस्की-ट्रंप मुलाकात के क्या हैं मायने? यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की ट्रंप से यह मुलाकात केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं बल्कि रणनीतिक वार्ता मानी जा रही है। ट्रंप पहले भी सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि यदि वे राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध लंबे समय से खत्म हो चुका होता। विश्लेषकों का कहना है कि यदि ट्रंप 2024 में फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो अमेरिका की यूक्रेन नीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। उनकी मुलाकात से पहले ही अटकलें तेज हैं कि ट्रंप युद्ध समाधान के लिए किसी नई रणनीति या मध्यस्थता की पेशकश कर सकते हैं। अमेरिका की भूमिका पर सवाल वर्तमान बाइडेन प्रशासन यूक्रेन को सैन्य और वित्तीय सहायता दे रहा है, लेकिन युद्ध का कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ट्रंप की सक्रियता और जेलेंस्की से मुलाकात से यह स्पष्ट है कि अमेरिकी राजनीति में यूक्रेन युद्ध एक प्रमुख मुद्दा बना रहेगा। अगले सप्ताह होने वाली ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। यह बैठक केवल अमेरिका और यूक्रेन ही नहीं, बल्कि रूस के लिए भी संकेत हो सकती है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति किस दिशा में जाएगी। यदि ट्रंप ने इस बैठक के बाद कोई ठोस रणनीति या प्रस्ताव रखा, तो रूस-यूक्रेन युद्ध के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। Read More :Namo Yuva Daud Raipur: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर में ‘नमो युवा दौड़’ को हरी झंडी दिखाई, युवाओं में दिखा जोश
















