India U19 vs Australia U19: भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा यूथ वनडे मुकाबला 51 रनों से जीतकर तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इस जीत में भले ही भारतीय बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ चमके, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जेडन ड्रेपर ने अपनी धमाकेदार सेंचुरी से सबका ध्यान खींचा।

जेडन ड्रेपर ने इस मुकाबले में ऐसी आक्रामक पारी खेली कि उन्होंने वैभव सूर्यवंशी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज़ को भी पीछे छोड़ दिया। ड्रेपर ने 65 गेंदों में शतक ठोक दिया और अंत तक 107 रन बनाकर आउट हुए।

भारत की दमदार बल्लेबाज़ी
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 300 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। वैभव सूर्यवंशी ने 70 रनों की तेज़तर्रार पारी खेली जिसमें उन्होंने 5 छक्के और 6 चौके जड़े। विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडु ने भी 71 रन बनाए और अपनी भूमिका को अच्छे से निभाया। विहान मल्होत्रा ने 70 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे टीम को संतुलन मिला।
वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से निकले सबसे ज्यादा छक्के
पूरे मुकाबले में कुल 15 छक्के लगे, जिनमें से वैभव सूर्यवंशी अकेले 8 छक्के लगाकर छाए रहे। अभिज्ञान कुंडु ने 2 छक्के जड़े, जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से सिर्फ जेडन ड्रेपर ही 5 छक्के मार पाए।
जेडन ड्रेपर की धमाकेदार सेंचुरी
ऑस्ट्रेलिया की पारी की बात करें तो जेडन ड्रेपर छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए और शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने 72 गेंदों में 107 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 8 चौके शामिल थे। यह उनका डेब्यू यूथ वनडे था, और पहली ही पारी में उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए।
हालांकि, ड्रेपर की शानदार पारी के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 249 रनों पर सिमट गई।
गेंदबाज़ों का शानदार प्रदर्शन
भारतीय गेंदबाज़ों ने एक बार फिर प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
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कप्तान आयुष म्हात्रे ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट झटके।
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कनिष्क चौहान को भी 2 सफलताएं मिलीं।
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स्पिन और पेस के बेहतरीन मिश्रण से भारतीय गेंदबाज़ों ने ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
सीरीज पर भारत का कब्जा
इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज़ पर कब्ज़ा कर लिया है। अब सीरीज का आखिरी मुकाबला 26 सितंबर 2025 को खेला जाएगा, जो सिर्फ औपचारिकता भर रह गया है।
इस मुकाबले में भले ही भारत को जीत मिली, लेकिन जेडन ड्रेपर की पारी को लंबे समय तक याद किया जाएगा। वहीं, भारतीय टीम का सामूहिक प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारत की युवा ब्रिगेड भविष्य में सीनियर टीम के लिए तैयार हो रही है।










