Swami Chaitanyanand Arrest: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्रबंधन संस्थान में यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों में घिरे स्वामी चैतन्यानंद को आखिरकार दिल्ली पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई अलसुबह करीब 3:30 बजे एक होटल पर छापा मारकर की। गिरफ्तारी से पहले आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी लोकेशन लगातार आगरा में ट्रेस हो रही थी।

कौन है स्वामी चैतन्यानंद?
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी खुद को एक आध्यात्मिक गुरु, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद बताता है। वह दक्षिण भारत के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान की दिल्ली ब्रांच का संचालन करता था। यहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्र-छात्राओं को मैनेजमेंट डिप्लोमा कोर्स के लिए स्कॉलरशिप दी जाती थी। लेकिन अब उसी संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं ने उस पर छेड़छाड़, शोषण और यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

17 छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
23 सितंबर 2025 को 17 छात्राओं ने वसंत कुंज थाने में शिकायत दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी चैतन्यानंद उन्हें रात में अपने क्वार्टर में बुलाता था, फेल करने की धमकी देता था और अश्लील मैसेज भेजता था। कई छात्राओं ने यह भी बताया कि स्वामी उन्हें विदेश घूमाने का लालच देता था और जबरदस्ती संबंध बनाने की कोशिश करता था।
पहले भी की गई थी शिकायत
गौरतलब है कि मार्च 2025 में भी एक छात्रा ने इसी बाबा के खिलाफ शिकायत दी थी। उसने बताया कि ₹60,000 डोनेशन देने के बावजूद उससे और पैसे मांगे गए। नहीं देने पर उसे बिना वेतन काम करने या संस्थान छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। इस शिकायत पर 4 अगस्त 2025 को पहली FIR दर्ज की गई थी।
पुलिस जांच में बड़े खुलासे
पुलिस पूछताछ में अब तक 30 से अधिक छात्राओं ने बाबा के खिलाफ मुंह खोला है। छात्राओं ने बताया कि चैतन्यानंद ने संस्थान में वफादारों का एक नेटवर्क बना रखा था, जो छात्राओं को बहलाने और धमकाने का काम करते थे। कुछ महिला स्टाफ व्हाट्सऐप चैट डिलीट करने में मदद करती थीं, जिससे सबूत मिटाए जा सकें।
अदालत ने खारिज की थी अंतरिम जमानत
चैतन्यानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली की एक अदालत में अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 27 सितंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि मामला अभी प्रारंभिक जांच के चरण में है और आरोपी से पूछताछ जरूरी है।
अब आगे क्या?
पुलिस अब चैतन्यानंद को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। साथ ही संस्थान के अन्य स्टाफ और वार्डन की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन पर आरोपी का साथ देने का शक है। आध्यात्मिकता के नाम पर मासूम छात्राओं का यौन शोषण करने वाले चैतन्यानंद की गिरफ्तारी से एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है। अब उम्मीद की जा रही है कि पीड़ित छात्राओं को न्याय मिलेगा और ऐसे ढोंगी बाबाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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