France Fuel Crisis : फ्रांस में ईंधन आपूर्ति का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। नए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के करीब 11 प्रतिशत यानी हर नौ में से लगभग एक सर्विस स्टेशन पर पेट्रोल या डीजल का कम से कम एक वेरिएंट पूरी तरह खत्म हो चुका है। शुक्रवार सुबह तक दर्ज किए गए ये आंकड़े पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ती ईंधन किल्लत की स्थिति को दर्शाते हैं। इससे आम लोगों के साथ-साथ परिवहन और कारोबार से जुड़े क्षेत्रों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
कुछ क्षेत्रों में ईंधन संकट का असर सबसे ज्यादा
ईंधन की कमी पूरे फ्रांस में एक जैसी नहीं है। देश के कुछ हिस्सों में हालात दूसरे क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। ग्रांड ईस्ट क्षेत्र में करीब 16 प्रतिशत पेट्रोल पंप सप्लाई संबंधी समस्या से प्रभावित हैं। सेंटर-वाल दे लोआर और ऑक्सिटैनी में यह आंकड़ा करीब 14 प्रतिशत है, जबकि पे दे ला लोआर में 13 प्रतिशत स्टेशनों पर ईंधन की कमी दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों से ज्यादा गंभीर हो सकती है वास्तविक स्थिति
विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी आंकड़े ईंधन संकट की पूरी तस्वीर नहीं दिखाते हैं। इसकी वजह यह है कि आधिकारिक आंकड़ों में मुख्य रूप से उन्हीं स्टेशनों को गंभीर कमी की श्रेणी में शामिल किया जाता है, जहां किसी एक विशेष श्रेणी का पेट्रोल या डीजल पूरी तरह खत्म हो गया हो। ऐसे में आंशिक सप्लाई बाधित होने वाले स्टेशन वास्तविक संकट की तुलना में आंकड़ों को कम दिखा सकते हैं।
डीजल की कीमत ने अप्रैल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
ईंधन की उपलब्धता में कमी के साथ फ्रांस में कीमतों का दबाव भी बढ़ गया है। डीजल की औसत कीमत 2.39 यूरो प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गई है। यह स्तर अप्रैल 2026 में दर्ज किए गए पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक है। महंगे ईंधन का सीधा असर वाहन चालकों और उन कारोबारों पर पड़ रहा है, जिनकी गतिविधियां सड़क परिवहन पर निर्भर हैं।
700 से ज्यादा पंपों पर 2.50 यूरो से महंगा डीजल
आंकड़ों के अनुसार, फ्रांस में 700 से अधिक पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत 2.50 यूरो प्रति लीटर से ज्यादा हो चुकी है। वहीं करीब 70 स्टेशनों पर इसकी कीमत 2.70 यूरो प्रति लीटर तक पहुंच गई है। पेट्रोल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। SP95 और SP98 जैसे पेट्रोल वेरिएंट लगभग 2.24 से 2.25 यूरो प्रति लीटर के आसपास बिक रहे हैं।
मध्य पूर्व संकट को ईंधन किल्लत से जोड़ा जा रहा
फ्रांस में बढ़ती ईंधन किल्लत के पीछे मध्य पूर्व में जारी तनाव को प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है। होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में रुकावटों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। इन घटनाक्रमों के कारण ईंधन की उपलब्धता और कीमतों को लेकर यूरोपीय देशों में भी दबाव बढ़ा है।
सरकार ने रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की
ईंधन संकट से निपटने के लिए फ्रांसीसी सरकार रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाने और रखरखाव के कार्यक्रमों में बदलाव करने पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और सप्लाई में आ रही बाधाओं को कम करना है। अधिकारियों की ओर से स्थिति की लगातार निगरानी भी की जा रही है।
किसानों और कारोबारों के लिए विशेष सहायता की तैयारी
प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों और उद्योगों को राहत देने के लिए कदम उठाए जाएं। सरकार किसानों, मछुआरों और निर्माण क्षेत्र जैसे ईंधन पर अधिक निर्भर उद्योगों को साल के अंत तक विशेष आर्थिक सहायता देने की तैयारी कर रही है। ईंधन आपूर्ति की स्थिति में सुधार और कीमतों पर नियंत्रण अब सरकार के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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