Divorce Financial Stress: हाल ही में एक वित्तीय सलाहकार कंपनी द्वारा किए गए सर्वे में खुलासा हुआ है कि तलाक के कारण वित्तीय तनाव दंपत्यों के रिश्ते में सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। सर्वे में सामने आया कि शादी के बाद 42 प्रतिशत पुरुषों ने तलाक से जुड़े खर्चों के लिए कर्ज लिया है, जबकि 67 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि उनके बीच पैसों को लेकर अक्सर बहस होती थी। यह आर्थिक असंतुलन तलाक की एक बड़ी वजह बन रहा है। तलाक के खर्चों के लिए कर्ज लेना पड़ा भारी ‘वन फाइनेंस एडवाइजरी कंपनी’ द्वारा टियर-I और टियर-II शहरों में किए गए सर्वे में 1,258 तलाकशुदा या तलाक के लिए आवेदन कर चुके लोगों की राय जानी गई। सर्वे में यह तथ्य सामने आया कि 42 प्रतिशत पुरुषों को तलाक की प्रक्रिया में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा और उन्होंने कर्ज लेकर खर्च किया। वहीं, 46 प्रतिशत महिलाओं ने तलाक के बाद या तलाक के कारण अपनी नौकरी छोड़ दी या काम के घंटे कम कर दिए। आर्थिक बोझ से घर का गुजारा मुश्किल सर्वे के अनुसार, 29 प्रतिशत पुरुषों ने तलाक के बाद गुजारा भत्ता देने के बाद खुद को नकारात्मक निवल मूल्य की स्थिति में पाया। यानी उनकी आय से ज्यादा खर्च हो रहे थे। पुरुषों की सालाना आय का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा भरण-पोषण और अन्य खर्चों में चला गया। इसके अलावा, तलाक से जुड़ी खर्चों में 19 प्रतिशत महिलाओं और 49 प्रतिशत पुरुषों ने 5 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च की। पैसों को लेकर विवाद तलाक की प्रमुख वजह सर्वे में 67 प्रतिशत लोगों ने माना कि शादी के दौरान उनके बीच पैसों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। वहीं 43 प्रतिशत ने साफ कहा कि वित्तीय विवाद और आर्थिक असमानता ही उनके तलाक का प्रमुख कारण बनी। इसके अलावा, शादी के समय 56 प्रतिशत महिलाएं अपने पति से कम कमाती थीं, जबकि केवल 2 प्रतिशत महिलाएं पति से ज्यादा कमाई करती थीं। विशेषज्ञों की राय: वित्तीय पारदर्शिता जरूरी वन फाइनेंस के सह-संस्थापक एवं सीईओ केवल भानुशाली ने कहा कि शादीशुदा जीवन में पुरुष और महिला के बीच वित्तीय असंगति तलाक का बड़ा कारण बनती है। उन्होंने बताया कि तलाक की प्रक्रिया की लागत और आर्थिक तनाव से मानसिक दबाव बढ़ता है, जो रिश्ते की मजबूती को कमजोर करता है। इसलिए, केवल भावनात्मक ही नहीं, बल्कि वित्तीय रूप से भी तैयार रहना बहुत आवश्यक है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि शादी से पहले जोड़े को अपनी वित्तीय स्थिति पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। इसमें मौजूदा कर्ज, भविष्य की बचत, परिवार की जिम्मेदारियां, आय के स्रोत, अनिश्चितताएं और जीवनशैली की अपेक्षाएं शामिल होनी चाहिए। इससे दंपत्ति के बीच पारदर्शिता बढ़ती है और भविष्य में वित्तीय कारणों से होने वाले विवाद कम होते हैं। आज के समय में आर्थिक तनाव विवाह टूटने का सबसे बड़ा कारण बन चुका है। तलाक के लिए कर्ज लेना, खर्चों का भारी बोझ और पैसों को लेकर बहस रिश्ते में दरारें पैदा करती हैं। इसलिए शादी से पहले वित्तीय विषयों पर खुलकर चर्चा करना, एक-दूसरे की आर्थिक स्थिति समझना और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इससे न केवल रिश्ता मजबूत होता है, बल्कि तलाक जैसी दुखद परिस्थिति से भी बचा जा सकता है। Read More: Raipur Battery Factory Fire : रायपुर के खमतराई में बैटरी फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आसमान में दिखा धुएं का गुबार
















