Onion Price Hike : महाराष्ट्र के लासलगांव रेलवे स्टेशन पर बुधवार, 26 अगस्त को प्याज से लदी एक मालगाड़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ‘प्रहार’ संगठन के एक्टिविस्ट गणेश निंबालकर ने दिल्ली जा रही मालगाड़ी को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि ट्रेन में खराब और घटिया गुणवत्ता का प्याज लादा जा रहा है। प्रदर्शन के कारण लासलगांव रेलवे गुड्स यार्ड में करीब एक घंटे तक मालगाड़ी खड़ी रही।
प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र का बड़ा कदम
देश के कई हिस्सों में घरेलू बाजार में प्याज की कीमतें 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू किया है। सरकार का उद्देश्य उपलब्धता बढ़ाकर बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम लोगों को महंगे प्याज से राहत दिलाना है। इसी योजना के तहत विभिन्न बड़े शहरों तक प्याज पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
NAFED और NCCF ने भेजी ‘कांदा एक्सप्रेस’
बफर स्टॉक के प्याज को दिल्ली पहुंचाने के लिए NAFED और NCCF ने लासलगांव रेलवे स्टेशन से विशेष मालगाड़ी भेजने की व्यवस्था की। प्याज से लदी इस ट्रेन को ‘कांदा एक्सप्रेस’ या ‘अनियन एक्सप्रेस’ के नाम से बताया जा रहा है। हालांकि, ट्रेन के रवाना होने से पहले ही कागजी कार्रवाई और प्याज की पैकिंग में देरी के कारण यह करीब 16 घंटे लेट हो चुकी थी।
खराब प्याज लोड करने का निंबालकर ने लगाया आरोप
बुधवार को जब मालगाड़ी दिल्ली के लिए रवाना होने की तैयारी में थी, तभी गणेश निंबालकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने NCCF के अधिकारियों से प्याज की गुणवत्ता को लेकर सवाल किए। निंबालकर ने आरोप लगाया कि ट्रेन में ऐसा प्याज लादा जा रहा है, जो पहले से खराब स्थिति में है और दिल्ली पहुंचने तक इसकी गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
ट्रेन के सामने बैठकर किया विरोध प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर निंबालकर ने सख्त रुख अपनाते हुए मालगाड़ी के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका दावा था कि खराब प्याज महज दो दिनों में पूरी तरह खराब हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि घटिया गुणवत्ता वाला प्याज बड़े बाजारों में भेजा गया तो इससे किसानों की उपज की कीमतों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रदर्शन के चलते रेलवे यार्ड में कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित रहा।
RPF और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
मालगाड़ी रोके जाने की सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF के अधिकारी और लासलगांव पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक से हटाया। हालांकि, निंबालकर अपने आरोपों और मांगों पर कायम रहे। इस दौरान गुड्स यार्ड में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा और अधिकारियों को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
दोपहर तीन बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई ट्रेन
विरोध प्रदर्शन और अधिकारियों की कार्रवाई के बाद आखिरकार प्याज से लदी मालगाड़ी दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने प्याज की गुणवत्ता, किसानों को मिलने वाली कीमत और सरकारी बफर स्टॉक की सप्लाई व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से प्याज की गुणवत्ता की उचित जांच की मांग की है।
दूसरे शहरों में भी प्याज भेजने की तैयारी
केंद्र सरकार बफर स्टॉक से प्याज को दिल्ली के अलावा देश के अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई और कोच्चि जैसे बड़े शहरों में भी प्याज भेजा जा सकता है। सरकार का लक्ष्य आपूर्ति बढ़ाकर बाजार में कीमतों को नियंत्रित करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।
किसानों में नाराजगी बढ़ने का दावा
सरकार की इस पहल को लेकर प्याज उत्पादक किसानों में नाराजगी की बात भी सामने आई है। किसानों और उनके समर्थकों का तर्क है कि बाजार में सरकारी स्टॉक से प्याज की बड़ी मात्रा आने से उनकी उपज के दाम प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ किसानों के हित और उनकी उपज के उचित मूल्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की निंबालकर की चेतावनी
गणेश निंबालकर ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने के बजाय बाजार भाव को प्रभावित करने के प्रयास किए गए, तो ‘प्रहार’ संगठन अपना आंदोलन और तेज करेगा। उनका कहना है कि प्याज की गुणवत्ता और किसानों के हित से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस विवाद और किसानों की चिंताओं पर क्या कदम उठाती है।
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