Priyanka Chaturvedi Asia Cup: शिवसेना (UBT) सांसद और महाराष्ट्र की सुप्रसिद्ध नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एशिया कप फाइनल को लेकर तीखी आलोचना की है। उनके शब्दों में यह मैच “नहीं होने चाहिए थे” क्योंकि, उनके अनुसार, बोर्डों और प्रसारकों के आर्थिक हितों के चलते यह आयोजन संभव हुआ। चतुर्वेदी ने कहा, “PCB के फायदे के लिए जो BCCI ने क्रिकेट मैच किया… प्रसारकों के राजस्व के लिए जो मैच हुआ है। देश की 140 करोड़ जनता नहीं चाहती थी कि ये मैच हो।”

सांसद ने आतंकवादी हमलों में शहीद हुए परिवारों के दर्द का हवाला देते हुए कहा कि उन परिवारों ने भी इसे “जख्म पर नमक” छिड़कने जैसा बताया है। उनका मानना है कि भारत की जनता और शहीदों के परिवारों की भावनाओं का ख्याल रखे बिना किसी भी देश के साथ खेल आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया, “ऐसे देश से जिसने केवल आतंक फैलाया हो हम उनके साथ क्रिकेट खेलेंगे?… हमारी लड़ाई क्रिकेट पिच पर नहीं है हमारी लड़ाई टेरर पिच पर है।”

उनका यह भी कहना रहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में सैनिकों की शहादत और परिवारों का दुख सर्वोपरि है, इसलिए ऐसे देशों के साथ न तो बातचीत होनी चाहिए, न खेल और न ही जश्न मनाना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी ने समापन में कहा, “जश्न उस दिन मनेगा जब हर आतंकवादी को वहां से खदेड़ कर निकाल दिया जाएगा।”
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यह बयान नया विवाद उत्पन्न कर सकता है — खासकर जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और कूटनीतिक रिश्ते जुड़े हों। अब आगे देखने वाली बात यह है कि बीसीसीआई, पीसीबी या केंद्र सरकार इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है और खेल‑कूटनीति पर क्या असर पड़ता है।
Read More : Vijay Sharma Asia Cup: एशिया कप जीत को विजय शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ा, खिलाड़ियों की प्रशंसा की










