Trump Kim Jong Un meeting: अमेरिका के राष्ट्रपति और 2024 के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से उनकी संभावित मुलाकात। खास बात यह है कि ट्रंप इस बार “बिना किसी पूर्व शर्त” के किम जोंग उन से मिलने को तैयार हो गए हैं, जो कि उनकी अब तक की रणनीति के ठीक उलट है।

व्हाइट हाउस की पुष्टि, APEC सम्मेलन में हो सकती है मुलाकात
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योन्हाप ने व्हाइट हाउस के हवाले से बताया है कि ट्रंप प्रशासन ने पहली बार यह सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे किम जोंग उन से बिना किसी शर्त के मुलाकात को तैयार हैं। यह मुलाकात संभवतः 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 के बीच दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के इतर हो सकती है।

क्यों खास है ये “बिना शर्त” मुलाकात?
अब तक अमेरिका की उत्तर कोरिया नीति हमेशा परमाणु निरस्त्रीकरण को शर्त बनाकर ही वार्ता की बात करती रही है। लेकिन इस बार ट्रंप ने ऐसा कोई भी शर्त नहीं रखी है। विश्लेषकों के अनुसार, यह ट्रंप के बदले हुए राजनीतिक रुख का संकेत है और संभवतः उनके 2024 चुनाव अभियान की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
तीन बार मिल चुके हैं ट्रंप और किम
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप और किम जोंग उन आमने-सामने होंगे। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में किम से तीन बार मुलाकात की थी — 2018 में सिंगापुर, 2019 में वियतनाम और तीसरी बार उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा पर। हालांकि उन बैठकों से कोई बड़ा समझौता नहीं निकल सका था, लेकिन इन मुलाकातों ने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को कुछ हद तक कम जरूर किया था।
दोनों नेताओं की दिलचस्पी
हाल ही में उत्तर कोरिया की संसद में किम जोंग उन ने ट्रंप के साथ हुई पुरानी बैठकों को “सकारात्मक और ऐतिहासिक” बताया। दूसरी ओर, ट्रंप भी यह कह चुके हैं कि संवाद ही एकमात्र रास्ता है, जिससे वैश्विक संकट टाले जा सकते हैं।
कूटनीतिक और राजनीतिक मायने
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप का यह कदम चुनावी लाभ की दृष्टि से भी अहम हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ता की पहल उन्हें एक मजबूत और विवेकशील नेता के तौर पर स्थापित कर सकती है। वहीं, किम जोंग उन के लिए भी यह मौका है कि वे अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारें और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत की उम्मीद कर सकें।
हालांकि, उत्तर कोरिया ने अभी तक अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उत्तर कोरिया की ओर से साफ कहा गया कि वह अपने रक्षा अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच संभावित “बिना शर्त” मुलाकात से एक नई राजनयिक दिशा की उम्मीद जगी है। हालांकि इसकी सफलता पर सवाल बने रहेंगे, लेकिन वार्ता की टेबल पर लौटना ही अंतरराष्ट्रीय शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है।










