YouTuber Arrested Spying : हरियाणा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पलवल जिले के कोट गांव निवासी यूट्यूबर वसीम अकरम को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान उच्चायोग के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वसीम पिछले तीन वर्षों से पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था और उन्हें सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।

तौफीक की गिरफ्तारी से खुला राज
26 सितंबर को पलवल के आलीमेव गांव निवासी तौफीक को जासूसी के आरोप में पकड़ने के बाद पुलिस को वसीम अकरम के बारे में सुराग मिला। तौफीक की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि वसीम 2021 में पाकिस्तान वीजा के लिए आवेदन करते समय पाकिस्तानी एजेंट दानिश के संपर्क में आया था। वहीं, 2022 से वह लगातार इंटरनेट कॉल्स के जरिए आईएसआई से जुड़ा रहा।

फोन से मिली आपत्तिजनक चैट्स
क्राइम ब्रांच की टीम ने वसीम के फोन से कई आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट्स बरामद की हैं। हालांकि, कुछ चैट्स डिलीट की गई थीं, जिन्हें अब साइबर सेल रिकवर करने की प्रक्रिया में है। पुलिस का मानना है कि इन चैट्स से यह पता चल सकेगा कि वसीम ने सीमा पार कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां साझा की थीं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि वसीम का नाम तौफीक की निशानदेही पर सामने आया। वसीम को अदालत में पेश कर चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि तौफीक को जेल भेजा जा चुका है। दोनों अभियुक्त इंटरनेट कॉल्स के ज़रिए न केवल आईएसआई बल्कि पाकिस्तान उच्चायोग के एजेंटों से भी जुड़े हुए थे।
इसके अलावा, वसीम ने दिल्ली जाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को सिम कार्ड भी उपलब्ध कराया था। यह पहलू सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी गंभीर माना जा रहा है।
यूट्यूबर होने की आड़
पुलिस जांच में सामने आया कि वसीम यूट्यूब चैनल चलाता था, जिस पर वह मेवात के इतिहास से जुड़े वीडियो अपलोड करता था। बाकी समय वह अपने पिता के अस्पताल में मदद करता था। पुलिस को शक है कि चैनल चलाने की आड़ में वह सीमा पार एजेंटों से संपर्क बनाए हुए था।
परिवार का दावा – कभी नहीं गया पाकिस्तान
वसीम के परिजनों का कहना है कि वह कभी पाकिस्तान नहीं गया और उस पर लगे आरोप निराधार हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो भी इस मामले की निगरानी कर रहा है।
हरियाणा के पलवल में आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले यूट्यूबर वसीम अकरम की गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया और निजी संपर्कों का इस्तेमाल कर भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस व साइबर टीम अब उसकी डिलीट चैट्स और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि सटीक जानकारी मिल सके।
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