PoK Protests End: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पांच दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गए। पाकिस्तान सरकार और जम्मू कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के बीच समझौता होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने विरोध-प्रदर्शन बंद करने का ऐलान किया। इस हिंसा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रदर्शन के कारण और शुरुआत 29 सितंबर को JKJAAC की अपील पर शुरू हुए प्रदर्शन की मुख्य मांगें सरकार की नीतियों, महंगाई नियंत्रण में असफलता और मौलिक अधिकारों की अनदेखी से जुड़ी थीं। प्रदर्शनकारियों ने कई आर्थिक व सामाजिक सुधारों की मांग की थी। पाकिस्तान सरकार ने मानी 21 मांगें सरकार ने कुल 38 मांगों में से 21 मांगें मान ली हैं, जिससे प्रदर्शन समाप्त करने का रास्ता खुला। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पहल पर बुधवार को PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ भी शामिल थे। समझौते की मुख्य बातें: कैबिनेट का आकार घटाना: PoK की सरकार में अब 20 से ज्यादा मंत्री नहीं होंगे, जिससे प्रशासनिक खर्चों में कटौती होगी। सरकारी विभागों का विलय: कुछ विभागों को मिलाकर उनका आकार छोटा किया जाएगा ताकि कार्यकुशलता बढ़े। नीलम वैली में सुरंगों का निर्माण: दो नई सुरंगों के लिए अध्ययन शुरू किया जाएगा, जिससे यातायात बेहतर होगा। मीरपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट: मीरपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की योजना पर काम होगा। शिक्षा बोर्डों का विस्तार: नए स्कूल बोर्ड बनाए जाएंगे, ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके। हेल्थकेयर सुविधाएं: हर जिले के अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीनें लगाई जाएंगी। हेल्थ कार्ड वितरण: 15 दिनों के अंदर सभी को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। बिजली प्रणाली सुधार: बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 10 अरब पाकिस्तानी रुपए आवंटित किए जाएंगे। निगरानी समिति और न्यायिक जांच समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक निगरानी समिति बनाई जाएगी। हिंसा के दोषियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और न्यायिक जांच की जाएगी।मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों को सरकारी कर्मचारियों जितना मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने का वादा किया गया है। घायलों को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। तीन दिन जुलूस निकालने का निर्णय प्रदर्शनकारियों ने शांति की जीत करार देते हुए अगले तीन दिनों तक मारे गए लोगों की याद में जुलूस निकालने का निर्णय लिया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि सभी सड़कें खुल गई हैं और स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण हो गई है। PoK में पांच दिनों तक चली हिंसा के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा मांगों को मानने और सुधारों का वादा करने से शांति बहाल हुई है। अब देखना होगा कि ये वादे कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू होते हैं, ताकि भविष्य में ऐसे तनावपूर्ण हालात न बनें। Read More: Coldrif cough syrup ban: केरल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर बैन, बिक्री नहीं हुई लेकिन सुरक्षा कारणों से लिया कड़ा कदम
















