Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में पटना में आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और चुनाव आयोग के अधिकारी मौजूद थे। चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव की तैयारी का जायजा लिया और आगामी चुनाव को सुचारू, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए रणनीतियां बनाई।

बैठक में शामिल हुए राजनीतिक दल
बैठक में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इनमें आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय जनता दल और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी जैसे दलों ने भाग लिया। सभी दलों ने चुनाव आयोग को मतदाता सूची शुद्धिकरण और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए धन्यवाद दिया।

चुनाव आयोग का संदेश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दल लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से चुनाव प्रक्रिया सफल होती है। उन्होंने सभी दलों से मतदान और मतगणना एजेंटों की नियुक्ति करने का आग्रह किया ताकि हर चरण में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके।
राजनीतिक दलों के सुझाव
राजनीतिक दलों ने सुझाव दिया कि चुनाव का मतदान छठ पर्व के बाद आयोजित किया जाए ताकि अधिकतम मतदाता हिस्सा ले सकें। इसके साथ ही चुनाव कम चरणों में पूरा किया जाना चाहिए ताकि खर्च और चुनाव प्रबंधन में आसानी हो। पार्टियों ने हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 तक सीमित करने, ईवीएम की मतगणना से पहले डाक मतपत्रों की गिनती सुनिश्चित करने, तथा मतदान केंद्र पर एजेंटों को फॉर्म 17सी वितरित करने की पहल की सराहना की।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
चुनाव आयोग ने अधिकारियों को राजनीतिक दलों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और राज्य प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे निष्पक्षता बनाए रखें और चुनाव के दौरान सभी शिकायतों का त्वरित समाधान करें। साथ ही, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की निगरानी कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया गया है।

आगामी चुनाव की संभावना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिन तक बिहार में रहकर चुनाव की तैयारियों का मूल्यांकन करेंगे। इसके बाद चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। इस सप्ताह मतदान की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हो रही है, जो चुनाव प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के सुझावों को स्वीकार करते हुए सभी को निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। छठ पर्व के बाद चुनाव कराने का प्रस्ताव मतदाताओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बिहार के मतदाता एक नए राजनीतिक अध्याय की ओर कदम बढ़ाएंगे।











