Nankiram Kanwar Protest: छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने की मांग को लेकर अपना रुख थोड़ा नरम कर लिया है। शनिवार को रायपुर में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से मुलाकात के बाद कंवर ने धरना प्रदर्शन का निर्णय फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है, और “उनकी बात माननी पड़ेगी।”

क्या है मामला?
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर लंबे समय से कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत पर कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जता रहे थे। उन्होंने कलेक्टर को हटाने की मांग करते हुए रायपुर स्थित एम्स के पास एक सामाजिक भवन में रुकने का निर्णय लिया था। लेकिन वहां भारी पुलिस बल की तैनाती देखकर वे काफी खिन्न नजर आए।

प्रदेश नेतृत्व से चर्चा के बाद नरमी
बाद में प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने खुद कंवर से फोन पर बात की और उन्हें कुशाभाऊ ठाकरे परिसर आने का आग्रह किया। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई। इस दौरान कंवर को बताया गया कि उन्होंने जो शिकायत पत्र दिया था, उस पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिलासपुर कमिश्नर से जांच प्रतिवेदन मांगा गया है, जो 2-3 दिनों में आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने भी दी सलाह
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने भी ननकीराम कंवर से धरना नहीं देने की सलाह दी थी। इसके बाद कंवर ने कहा कि वे फिलहाल कोई आंदोलन नहीं करेंगे, लेकिन यदि जांच के बाद भी कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो अगला कदम जरूर उठाएंगे।
क्या बोले ननकीराम कंवर?
मीडिया से बातचीत में कंवर ने कहा, “प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे भरोसा दिलाया है कि कार्रवाई होगी। मैंने जो मुद्दे उठाए हैं, वे गंभीर हैं। अगर कलेक्टर नहीं हटाए गए, तो आगे की रणनीति पर विचार करूंगा।” ननकीराम कंवर की ओर से कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। हालांकि अब भाजपा नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद स्थिति कुछ शांत होती दिख रही है। अब सभी की निगाहें बिलासपुर कमिश्नर की रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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