Justice Gavai News: भारत के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) बीआर गवई पर कथित रूप से जूता फेंकने की कोशिश की घटना ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस अभूतपूर्व और निंदनीय हमले के बाद चीफ जस्टिस गवई की मां कमलाताई गवई और बहन कीर्ति गवई ने हमले की कड़ी निंदा की है। दोनों ने इसे न केवल व्यक्तिगत हमला बताया, बल्कि इसे एक जहरीली और असंवैधानिक विचारधारा का हिस्सा करार दिया है, जिसे रोकना आवश्यक है।

मां कमलाताई गवई का संदेश: कानून का सम्मान जरूरी
कमलाताई गवई ने कहा, “डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के सिद्धांत पर चलना सभी का कर्तव्य है। संविधान हमें ‘आप जीएं और दूसरों को भी जीने दें’ का अधिकार देता है। किसी को भी कानून हाथ में लेकर अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है।” उन्होंने इस घटना को लेकर कहा कि विवादों और मुद्दों को शांति तथा संवैधानिक तरीके से ही सुलझाना चाहिए।

बहन कीर्ति गवई की प्रतिक्रिया: यह हमला जहरीली विचारधारा का प्रतीक
चीफ जस्टिस गवई की बहन कीर्ति ने कहा, “कल की घटना देश के लिए कलंक है। यह केवल एक व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि एक जहरीली विचारधारा का नतीजा है, जिसे पूरी तरह रोकना होगा। असंवैधानिक और अराजक कृत्यों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी विरोध शांतिपूर्ण और संविधान के दायरे में रहकर ही होना चाहिए ताकि बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों को कोई नुकसान न पहुंचे।
भारतीय विधिज्ञ परिषद ने तुरंत लिया कदम
घटना के बाद भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने हमले का आरोपी वकील राकेश किशोर को तुरंत निलंबित कर दिया है। कोर्ट के अंदर हुई इस घटना के बावजूद चीफ जस्टिस गवई शांत और संयमित बने रहे। उन्होंने कोर्ट के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी वकील को चेतावनी देने का आदेश दिया।
राजनीतिक नेतृत्व ने जताई कड़ी निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई बड़े नेता भी इस हमले की निंदा कर चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह के निंदनीय कृत्यों के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है। उन्होंने चीफ जस्टिस गवई को फोन कर उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि पूरी जनता इस हमले से नाराज है। साथ ही पीएम ने शांति बनाए रखने के लिए भी न्यायाधीश की प्रशंसा की।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस हमले को शर्मनाक करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि न्यायपालिका पर इस तरह के हमले देश की न्याय व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत हैं।चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश न केवल न्यायपालिका के सम्मान पर हमला है, बल्कि यह समाज में बढ़ती अराजकता और जहरीली विचारधारा का भी चिंताजनक स्वरूप है। सभी को चाहिए कि वे संविधान और कानून का सम्मान करें और अपने मतभेदों को शांति और संवैधानिक तरीके से ही सुलझाएं। देश के संवैधानिक संस्थानों की सुरक्षा और सम्मान सभी का दायित्व है।
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