Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के सियासी गर्माहट के बीच पुर्णिया से सांसद पप्पू यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगा है। मामला वैशाली जिले के देसरी थाना क्षेत्र का है, जहां चुनावी प्रचार के दौरान पप्पू यादव पर मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

सार्वजनिक कार्यक्रम में की गई थी कथित नकद राशि की वितरण
मिली जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव आचार संहिता लागू होने के बावजूद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के बीच नकद राशि बांटी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जैसे ही वीडियो प्रशासन की नजर में आया, तुरंत जांच के आदेश दिए गए।

SDO और CO की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
महनार अनुमंडल अधिकारी (SDO) नीरज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वीडियो सामने आने के बाद सहदेई बुजुर्ग के अंचल अधिकारी (CO) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच में प्राथमिक रूप से आरोपों की पुष्टि होने के बाद देसरी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बना सबूत
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पप्पू यादव को लोगों के बीच पैसे बांटते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, अभी तक पप्पू यादव की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटना ने नई बहस को जन्म दे दिया है।
क्या है चुनाव आचार संहिता?
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाती है। इसके तहत उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकद, उपहार या अन्य किसी भी प्रकार की सुविधा देने पर रोक होती है। इसका उल्लंघन करने पर संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और संभावित अयोग्यता भी लागू हो सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र का मजाक बताया है और चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पप्पू यादव के समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला चुनावी माहौल को और गरमा सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है और पप्पू यादव इस पर क्या सफाई देते हैं।
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