Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे का ऐलान होते ही राजनीतिक हलकों में जोरदार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज कुमार ने एनडीए द्वारा जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) को 6 सीटें देने के फैसले पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह सीट बंटवारा समाज के वास्तविक मान-सम्मान को दर्शाने में विफल रहा है और इससे स्पष्ट होता है कि गठबंधन कुशवाहा समाज को मामूली तौर पर टालना चाहता है।

मनोज कुमार का बयान
कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने कहा, “आज इनके हुए तो कल हमारा भी होगा। जीतन राम मांझी ने पिछले 15 दिनों में जो कुछ भी कहा, उससे साफ है कि 6 सीटें मिलना बिहार में कुशवाहा समाज के लिए सम्मान की नहीं, बल्कि अपमान की बात है। सिर्फ 6 सीटें देना यह दिखाता है कि एनडीए गठबंधन इस समाज को निपटाना चाहता था। उनका केवल 3% वोट है, लेकिन 6 सीटों का सम्मान देना समाज के साथ अन्याय है।”

उन्होंने आगे कहा, “जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही सम्मान की बात कर रहे थे, लेकिन 6 सीटों में क्या सम्मान है? यह केवल दिखावा है। बिहार के कुशवाहा समाज को इससे ज्यादा स्थान मिलने चाहिए था। यह समाज जान चुका है कि एनडीए ने उन्हें किन नजरों से देखा है।”
कुशवाहा समाज की असंतुष्टि
मनोज कुमार के अनुसार, कुशवाहा समाज के वोटरों में भी एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर असंतोष है। उनका मानना है कि कुशवाहा समाज की राजनीतिक भूमिका को हल्के में लिया जा रहा है, जो आगामी चुनाव में गठबंधन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने कहा, “जब तक समाज को उचित स्थान और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक यह समाज चुनाव में पूरी ताकत से एनडीए के साथ नहीं होगा।”
आगामी राजनीतिक लड़ाई का संकेत
मनोज कुमार ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस आगामी चुनाव में इस स्थिति का फायदा उठाएगी। उन्होंने कहा, “अगर आज एनडीए के पास सीटें हैं तो कल हमारा भी मौका आएगा। हम कुशवाहा समाज समेत अन्य पिछड़े वर्गों के साथ मिलकर बिहार में राजनीतिक बदलाव लाएंगे। बिहार की जनता अब न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व की मांग कर रही है।”
जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा का रुख
हालांकि, HAM प्रमुख जीतन राम मांझी और रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए के सीट बंटवारे को स्वीकार किया है। दोनों ने कहा है कि गठबंधन के फैसले का सम्मान किया जाएगा और वे मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मांझी ने कहा था कि उन्हें जो 6 सीटें मिली हैं, उससे वे संतुष्ट हैं और कोई शिकायत नहीं है। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा भी इस सीट आवंटन से खुश दिखे और उन्होंने सम्मान की बात दोहराई।
एनडीए का संतुलित सीट बंटवारा
एनडीए गठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी और जदयू को बराबर 101-101 सीटें दी हैं, जबकि LJP को 29, HAM और RLM को 6-6 सीटें दी गई हैं। यह बंटवारा गठबंधन की रणनीति और आपसी समन्वय का परिणाम है, लेकिन इसे सभी दलों ने समान रूप से स्वीकार नहीं किया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि कुशवाहा समाज बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। सीट बंटवारे को लेकर असंतोष गठबंधन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इसके अलावा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका फायदा उठाकर वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश करेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने एनडीए गठबंधन की इस रणनीति पर सवाल उठाए हैं और कुशवाहा समाज के प्रति इस व्यवहार को गलत बताया है। वहीं, HAM और RLM के नेताओं ने संतुष्टि जताई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी, जो बिहार चुनाव की दिशा तय करेंगी।










