Ashley Tellis Arrest: अमेरिका में भारतीय मूल के वरिष्ठ अमेरिकी नीति विशेषज्ञ और दक्षिण एशिया सलाहकार एशले टेलिस को गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर चीन के सरकारी अधिकारियों से संपर्क रखने और राष्ट्रीय रक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेज गैरकानूनी तरीके से रखने का आरोप है। सुरक्षा एजेंसियों ने टेलिस के वर्जीनिया के वियना स्थित आवास से हजारों पन्नों के गुप्त दस्तावेज बरामद किए हैं।

एशले टेलिस कौन हैं?
टेलिस एक अनुभवी नीति रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2001 से अमेरिका सरकार में विभिन्न उच्च पदों पर कार्य किया है। उन्होंने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में काम किया और बाद में पेंटागन के नेट असेसमेंट कार्यालय में ठेकेदार के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा वे वाशिंगटन के प्रतिष्ठित थिंक टैंक, कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में वरिष्ठ फेलो भी रहे हैं।

मुंबई में जन्मे टेलिस ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की और फिर शिकागो यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में MA और PhD की उपाधि हासिल की। वे अमेरिका-भारत-चीन संबंधों पर गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख विश्लेषक माने जाते थे और वाशिंगटन, नई दिल्ली व बीजिंग में उनके लेखन और विचारों को बड़े सम्मान के साथ देखा जाता था।
आरोप और गिरफ्तारी
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने शुक्रवार को टेलिस को गिरफ्तार किया, जबकि सोमवार को उन पर आधिकारिक आरोप लगाए गए। अदालत के दस्तावेज़ों में बताया गया है कि टेलिस ने सितंबर और अक्टूबर में रक्षा एवं विदेश विभाग की संवेदनशील जानकारी तक अवैध पहुंच बनाई। CCTV फुटेज में उन्हें गोपनीय सैन्य दस्तावेजों को प्रिंट करते हुए और चमड़े के ब्रीफकेस में लेकर इमारत से बाहर निकलते देखा गया है।
11 अक्टूबर को जारी तलाशी वारंट के तहत उनके घर के विभिन्न स्थानों से कई गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए। इनमें बंद फाइलिंग कैबिनेट, डेस्क और काले कचरे के थैले में रखी जानकारी भी शामिल है। आरोप है कि टेलिस ने ये दस्तावेज चीनी अधिकारियों के साथ साझा करने की कोशिश की।
संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमि
टेलिस की गिरफ्तारी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी ट्रंप प्रशासन और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहे हैं। सरकार ने बिना किसी छूट के इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया है।
टेलिस को अमेरिका-भारत संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण आवाज माना जाता था। उनकी गिरफ्तारी से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा क्षेत्रों में हलचल मची हुई है। सुरक्षा विशेषज्ञ इस मामले को अमेरिका में चीन के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता के संदर्भ में देख रहे हैं।
भारतीय मूल के वरिष्ठ नीति विशेषज्ञ एशले टेलिस की गिरफ्तारी से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप सामने आए हैं। चीन से उनके कथित संपर्क और गोपनीय दस्तावेज रखने की जानकारी ने अमेरिका-चीन और भारत- अमेरिका संबंधों में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला भविष्य में द्विपक्षीय और वैश्विक सुरक्षा नीतियों को प्रभावित कर सकता है।










