Kondagaon naxal news: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कोंडागांव जिले में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पूर्वी बस्तर डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय रही, ₹5 लाख की इनामी महिला नक्सली गीता उर्फ कमली सलाम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। गीता सलाम नक्सली संगठन में टेलर टीम कमांडर (ACM) के पद पर सक्रिय थी।

आत्मसमर्पण के मुख्य कारण
सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के अनुसार, गीता सलाम के आत्मसमर्पण के पीछे कई प्रमुख कारण रहे:

नक्सली संगठन के भीतर आंतरिक मतभेद: वरिष्ठ और स्थानीय नक्सली नेताओं के बीच बढ़ते टकराव से वह निराश थी।
सुरक्षा बलों का प्रभावी अभियान: कोंडागांव समेत पूरे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लगातार और प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों से संगठन पर दबाव बढ़ा।विकास और पुनर्वास नीति का असर: आंतरिक क्षेत्रों में सड़कों, परिवहन, पेयजल, बिजली, मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का पहुंचना और छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार से वह प्रभावित हुई।मुख्यधारा में लौटने की इच्छा: हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में शांति और सम्मान के साथ जीने की तीव्र इच्छा।
इन गंभीर मामलों में रही है शामिल
आत्मसमर्पित महिला नक्सली गीता सलाम पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो मुख्यतः मुखबिरी के संदेह में ग्रामीणों को प्रताड़ित करने से संबंधित हैं:
09 सितंबर 2014: थाना बयानार क्षेत्र के ग्राम मडानार में सुगाय सलाम (पति स्व. सोनारू सलाम) को मुखबिरी के संदेह में बुरी तरह पीटा और परिवार सहित गांव से बेदखल कर दिया।
10 सितंबर 2014: ग्राम मडानार निवासी सुखयारिन सलाम (पति राजकुमार सलाम) के घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौच की, हत्या की धमकी दी और उसे भी गांव से बाहर निकाल दिया।
09 सितंबर 2014: रामदयाल यादव (पिता भूरसूराम यादव) को भी मुखबिरी के शक में पीटा, मारपीट की और परिवार सहित गांव छोड़ने की धमकी दी।
आगे की प्रक्रिया और नक्सलवाद पर प्रभाव
आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गीता सलाम से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि नक्सल संगठन की अंदरूनी जानकारी और उसकी भविष्य की योजनाओं का पता लगाया जा सके।
कोंडागांव जिले में एक इनामी और सक्रिय महिला कमांडर का यह आत्मसमर्पण एक बड़ी सफलता है। यह घटना संगठन के भीतर एक बड़ा संदेश देगी, जिससे आने वाले समय में और अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना बढ़ेगी। यह कदम क्षेत्र में शांति स्थापना और विकास के प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
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