Israel Iran War Updates : मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है, जहाँ इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपना बड़ा जवाबी सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ईरान के चार प्रमुख शहरों तेहरान, इस्फाहान, तबरीज और मेहराबाद को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है। इन शहरों के रणनीतिक हवाई अड्डों (एयरपोर्ट्स) पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी गई हैं। ईरान की विशिष्ट सैन्य शाखा ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। IRGC ने अपने बयान में कहा कि इजरायली वायुसेना ने ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किए बिना, सीमाओं के बाहर से ही मिसाइलें दागकर उनके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी सेना ने संकल्प लिया है कि इस कायरतापूर्ण हमले का बेहद कड़ा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

इजरायल में हाई अलर्ट: अस्पतालों को बंकरों में शिफ्ट करने के कड़े निर्देश
इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बाद इजरायल के भीतर भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। इजरायल के दक्षिणपंथी और कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेंगवीर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए खुलेआम धमकी दी है कि “अब तेहरान को जलना चाहिए।” ईरान की तरफ से संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए इजरायल सरकार ने देश भर के सभी स्कूल-कॉलेजों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इसके साथ ही, सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों के अस्पतालों को भूमिगत बंकरों में शिफ्ट करने का आपातकालीन आदेश जारी किया गया है। पूरे इजरायल में युद्ध को लेकर हाई अलर्ट है।

इस्फहान में सबसे भीषण हमले: पश्चिमी ईरान में गूंज रहे सायरन
ताजा जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान सीमा से सटे पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में इजरायल की बमबारी लगातार जारी है और करज शहर में भी बेहद शक्तिशाली धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। पूरे पश्चिमी ईरान में युद्ध के सायरन बज रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है। ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम इजरायल की बैलिस्टिक मिसाइलों को आसमान में ही इंटरसेप्ट करके नष्ट करने का दावा कर रहा है, इसके बावजूद भारी बमबारी के कारण जमीन पर बड़े नुकसान की खबरें हैं। सबसे भीषण और घातक हमले इस्फहान शहर में केंद्रित हैं, जहाँ ईरान के कई महत्वपूर्ण परमाणु और सैन्य केंद्र स्थित हैं। इजरायली वायुसेना भूमध्य सागर में तैनात अपने आधुनिक युद्धपोतों से इन मिसाइल हमलों को अंजाम दे रही है।
ईरान-हिजबुल्लाह के हमलों का प्रतिशोध: बेरुत हिंसा से जुड़ी है जंग की कड़ियाँ
गौरतलब है कि इजरायल का यह विनाशकारी कदम बीती रात ईरान और लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह द्वारा इजरायली धरती पर किए गए संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमलों का सीधा पलटवार है। दरअसल, इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसके प्रतिशोध में ईरान और हिजबुल्लाह ने एक साथ इजरायल पर सैकड़ों रॉकेट दागे थे। अब इजरायल के इस ताजा और बड़े पलटवार ने मिडिल ईस्ट को एक ऐसे मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ से पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध (महायुद्ध) छिड़ना लगभग तय माना जा रहा है। इस तनाव को देखते हुए इराक और सीरिया जैसे पड़ोसी देशों ने भी एहतियात के तौर पर अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को पूरी तरह बंद कर दिया है।
नेतन्याहू ने ठुकराया अमेरिकी रुख: डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को किया दरकिनार
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला राजनीतिक पहलू यह है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों और आदेशों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। ईरान और हिजबुल्लाह के हमलों के तुरंत बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन करके संयम बरतने और ईरान पर जवाबी हमला न करने की सख्त हिदायत दी थी। ट्रंप पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि मिडिल ईस्ट से जुड़े बड़े फैसले नेतन्याहू नहीं बल्कि वे खुद लेते हैं, और इजरायल को अमेरिकी फैसलों का सम्मान करना होगा। इसके बावजूद, नेतन्याहू ने अमेरिका की बात न मानते हुए ईरान पर हमला बोल दिया। वाशिंगटन के इस आदेश की नाफरमानी का इजरायल-अमेरिका संबंधों और वैश्विक राजनीति पर क्या असर होगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।
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