CG Congress Protest Postponed : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में घरेलू रसोई गैस (LPG) की बढ़ी हुई कीमतों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा आज, 8 जून को आयोजित होने वाला विशाल विरोध प्रदर्शन अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब यह जन-आंदोलन अगले दिन यानी 9 जून को पूर्व निर्धारित रूपरेखा के तहत किया जाएगा। पार्टी के प्रवक्ताओं के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ और सम्मानित नेता गजराज पगारिया के भाई के आकस्मिक निधन के कारण इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का संवेदनशील निर्णय लिया गया है।

शोक संतप्त परिवार को ढांढस: दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देकर टाला प्रदर्शन
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने बताया कि इस दुखद और शोक की घड़ी में पूरी पार्टी पगारिया परिवार के साथ खड़ी है। दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोमवार के सभी राजनैतिक कार्यक्रमों को विराम दे दिया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ उसकी लड़ाई कमजोर नहीं होगी। जनता के हक के लिए यह विरोध प्रदर्शन कल, 9 जून को पूरी ताकत के साथ राजधानी की सड़कों पर दिखाई देगा, क्योंकि बेकाबू महंगाई से आम आदमी की कमर टूट चुकी है।

मध्यम वर्ग के लिए भारी मुसीबत: वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने साधा निशाना
गैस सिलेंडर के दामों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी पर देश के जाने-माने अधिवक्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई आम जनता के बजट को पूरी तरह तबाह कर रही है। ऐसे कठिन समय में गैस के दाम बढ़ाना मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के परिवारों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। तन्खा ने तंज कसते हुए कहा कि यदि यह एक वैश्विक समस्या थी और इसे सुलझाना सरकार के नियंत्रण में नहीं था, तो प्रधानमंत्री को इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए था। सरकार को ऑल द टाइम ‘विश्व गुरु’ का ढोल पीटने के बजाय जनता को भरोसे में लेकर वास्तविक स्थिति समझानी चाहिए थी।
छत्तीसगढ़ में सिलेंडर अब 1013 रुपये का: प्रति गैस टंकी 29 रुपये का बड़ा झटका
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में केंद्रीय स्तर पर की गई इस वृद्धि का सीधा और तगड़ा झटका छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को लगा है। राज्य में अब 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1013 रुपये के पार पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी से पहले प्रदेशवासियों को यही सिलेंडर 984 रुपये में मिल रहा था, जिसका सीधा मतलब है कि अब आम जनता को प्रति सिलेंडर 29 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, गैस की ये नई और महंगी दरें रविवार, 7 जून से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं।
महज तीन महीने के भीतर 89 रुपये की बढ़ोतरी: जनता पर डाला अतिरिक्त बोझ
अगर पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर गौर करें, तो मालूम होता है कि आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का यह प्रहार बेहद सुनियोजित है। पिछले मात्र 3 महीनों के भीतर घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 7 मार्च को तेल कंपनियों ने सिलेंडर की कीमतों में एकमुश्त 60 रुपये का भारी इजाफा किया था। इस प्रकार, मार्च से जून के संक्षिप्त कार्यकाल के भीतर ही घरेलू गैस सिलेंडर कुल मिलाकर 89 रुपये महंगा हो चुका है, जिसने हर घर के बजट का गणित बिगाड़ दिया है।
कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा: तेल कंपनियों ने वैश्विक घाटे का दिया हवाला
घरेलू गैस के अलावा व्यावसायिक मोर्चे पर भी महंगाई की मार पड़ी है। करीब एक सप्ताह पहले ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी लगभग 53 रुपये की बड़ी वृद्धि की गई थी, जिससे होटल और रेस्तरां संचालकों की लागत बढ़ गई है। इस चौतरफा मूल्यवृद्धि का बचाव करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और गैस की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस वैश्विक दबाव और घरेलू बिक्री पर हो रहे भारी वित्तीय नुकसान (अंडर-रिकवरी) को संतुलित करने के लिए ही एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी करना उनकी मजबूरी बन गया था।











