West Bengal Politics : फिल्म अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पिछले कुछ दिनों से मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही अपनी पार्टी बदलने की चर्चाओं पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है। गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए उन्होंने साफ किया कि वह टीएमसी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। बाजार में कई तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं कि वे पार्टी से नाराज हैं, लेकिन इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है।

अगर सच बोलना बगावत है तो समझो मैं भी एक बहुत बड़ा बागी हूं: शत्रुघ्न सिन्हा
पार्टी के भीतर बने तथाकथित बागी गुट में शामिल होने के दावों पर खुलकर बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हां, यह बात बिल्कुल सच है कि स्वभाव से मैं हमेशा से ही बहुत स्पष्टवादी और बेबाक रहा हूं। मैं कभी भी अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटता। उन्होंने अपने पुराने संवाद को दोहराते हुए कहा कि अगर सच बोलना बगावत माना जाता है, तो हां, मैं भी एक बागी हूं। लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि मैं अपनी पार्टी या अपनी नेता ममता बनर्जी के खिलाफ जा रहा हूं।

मुश्किल वक्त में ममता बनर्जी ने दिया मेरा साथ
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए एक बेहद भावुक बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन के एक ऐसे दौर में जब मुझे राजनीतिक समर्थन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब ममता बनर्जी मेरे साथ मजबूती से खड़ी रहीं। उन्होंने मेरे राजनीतिक जीवन को एक नई दिशा दी। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आज जब ममता जी और उनकी पार्टी एक मुश्किल राजनीतिक दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में मैं एक अवसरवादी की तरह उन्हें अकेला छोड़कर नहीं भाग सकता। मैं पूरी वफादारी के साथ उनके साथ खड़ा रहूंगा।
प्रेम और समर्थन के लिए जताया आभार
अपने बयान के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने आसनसोल लोकसभा क्षेत्र और पूरे पश्चिम बंगाल की जनता का विशेष रूप से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बंगाल के लोगों ने मुझे जो प्यार, सम्मान और भारी समर्थन दिया है, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने मेरी काबिलियत पर भरोसा किया और मुझे बार-बार रिकॉर्ड मतों से जिताकर संसद भेजा। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आसनसोल की जनता ने मुझे बाहरी न मानकर अपने परिवार के सदस्य की तरह अपनाया है, जिसके लिए मैं हमेशा उनका कर्जदार रहूंगा।
आसनसोल से लड़ा था लोकसभा का चुनाव
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने टीएमसी के सफर को याद करते हुए बताया कि वह पहली बार अपनी स्वेच्छा से नहीं, बल्कि आदरणीय ‘दीदी’ (ममता बनर्जी) के विशेष बुलावे और उनके व्यक्तिगत अनुरोध पर ही आसनसोल आए थे। ममता बनर्जी का यह दृढ़ विश्वास था कि मुझे अपनी संसदीय यात्रा को बिना किसी रुकावट के जारी रखना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहना चाहिए। उन्हीं के मार्गदर्शन में मैंने आसनसोल से उपचुनाव लड़ा और ईश्वर की कृपा तथा जनता के आशीर्वाद से अपने पहले ही चुनाव में ऐतिहासिक और रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी।
विकास के लिए काम करते रहने का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में टीएमसी सांसद ने साफ किया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर नागरिक के लिए समान रूप से काम किया है। चाहे कोई किसी भी राजनीतिक दल का समर्थक हो, या किसी ने मुझे चुनाव में वोट दिया हो या न दिया हो, मैंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। मैं एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को बहुत अच्छी तरह से समझता हूँ। उन्होंने संकल्प लिया कि वह भविष्य में भी इसी तरह पूरी निष्ठा के साथ आसनसोल और बंगाल की जनता की सेवा करते रहेंगे।
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