Kedarnath Accident : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए दो युवा तीर्थयात्री एक बेहद दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। केदारनाथ ट्रेकिंग मार्ग पर वापसी के दौरान शॉर्टकट रास्ता अपनाना इन युवाओं के लिए जानलेवा साबित हुआ। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीओसी) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना केदारनाथ पैदल मार्ग पर पोल संख्या 337 और 340 के बीच घटित हुई। दोनों तीर्थयात्री पहाड़ी के एक बेहद संकरे और अनधिकृत रास्ते से नीचे उतरने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में समा गए।

SDRF और पुलिस टीम ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
इस दर्दनाक हादसे की जानकारी बुधवार को स्थानीय प्रशासन और राहत दलों को मिली। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बिना समय गंवाए रेस्क्यू टीमों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) बड़ी लिंचोली की जांबाज टीम के साथ-साथ वाईएमएफ (YMF) के जवानों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने बेहद विषम परिस्थितियों में घटनास्थल पर पहुंचकर संयुक्त राहत और बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू किया। खाई की गहराई और खड़ी चढ़ाई के कारण बचाव कर्मियों को नीचे उतरने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दिल्ली के घायल युवक को मेडिकल रिलीफ पॉइंट में कराया गया भर्ती
घंटों चले इस बेहद कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान, एसडीआरएफ के जवानों ने खाई में फंसे एक तीर्थयात्री को जीवित ढूंढ निकालने में सफलता हासिल की। सुरक्षित निकाले गए घायल तीर्थयात्री की पहचान 27 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है, जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके का रहने वाला है। बचाव दल ने उसे तुरंत छोटी लिंचोली स्थित मेडिकल रिलीफ पॉइंट (एमआरपी) पहुंचाया। प्राथमिक चिकित्सा जांच में डॉक्टरों ने पाया कि मोहित के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। शुरुआती इलाज के बाद बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए उसे गौरीकुंड अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
फर्रुखाबाद निवासी प्रियांशु शुक्ला की हादसे में दर्दनाक मौत
इस हादसे का दूसरा पहलू बेहद दुखद रहा। वाईएमएफ कर्मियों और आपदा प्रबंधन के स्वयंसेवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद दूसरे तीर्थयात्री को भी खाई से बाहर निकाला और तुरंत भीमबली स्थित चिकित्सा राहत केंद्र लेकर पहुंचे। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने विस्तृत परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के निवासी 27 वर्षीय प्रियांशु शुक्ला के रूप में हुई है। प्रशासन ने बताया कि प्रियांशु के शव को गौरीकुंड लाया जा रहा है, जहां से पंचनामा और पोस्टमार्टम की कानूनी औपचारिकताओं के लिए उसे रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल भेजा जाएगा।
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट पर
वर्तमान में बाबा केदारनाथ की यात्रा पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके मद्देनजर उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है। केदारनाथ धाम की अत्यधिक ऊंचाई, खड़ी चढ़ाई और लगातार बदलते चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण कई तीर्थयात्री अचानक बीमार पड़ रहे हैं। इसके साथ ही पैदल मार्गों पर पैर फिसलने और गिरने की कई अन्य छोटी-बड़ी घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिनमें श्रद्धालु घायल हो रहे हैं। प्रशासन यात्रियों से बार-बार मुख्य और सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करने की अपील कर रहा है।
घायलों को एयर एम्बुलेंस से एम्स भेजने की बेहतरीन व्यवस्था उपलब्ध
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग पर गंभीर रूप से बीमार या हादसों में घायल होने वाले तीर्थयात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। ऐसे मरीजों को केदारनाथ से हेलीकॉप्टर के माध्यम से तुरंत फाटा और गुप्तकाशी के सुसज्जित अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। जिन मरीजों की स्थिति अत्यंत नाजुक होती है और जिन्हें विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है, उन्हें रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से सीधे एयर एम्बुलेंस के जरिए ऋषिकेश एम्स (AIIMS) जैसे उच्च चिकित्सा केंद्रों में एयरलिफ्ट किया जा रहा है।











