CG Congress Protest : छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल के सीजन की शुरुआत होते ही किसानों की बुनियादी समस्याओं को लेकर प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। राज्य में खाद और उन्नत बीजों की कथित भारी कमी और कालाबाजारी को मुद्दा बनाकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने गुरुवार को राजधानी रायपुर की सड़कों पर उतरकर एक बेहद ज़ोरदार और आक्रामक विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।

अंबेडकर चौक से शुरू हुई विशाल रैली
प्रशासनिक अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन रायपुर ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे के कुशल और रणनीतिक नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। सुबह करीब 11 बजे रायपुर के ऐतिहासिक अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, ग्रामीण क्षेत्रों से आए पदाधिकारी और सैकड़ों की तादाद में किसान एकत्रित हुए। वहां एक संक्षिप्त सभा के बाद सभी प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट (कलेक्टर कार्यालय) की तरफ एक विशाल रैली के रूप में कूच कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात किया है और मजबूत बैरिकेडिंग की है।

कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट का किया घेराव
अंबेडकर चौक से शुरू हुई यह आक्रोश रैली कुछ ही समय में शहर के विभिन्न व्यस्त चौराहों से गुजरती हुई रायपुर कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट के ठीक सामने बैठकर उग्र घेराव की शुरुआत कर दी है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और तख्तियां हैं, जिन पर किसानों को तुरंत पर्याप्त खाद-बीज देने की मांग लिखी हुई है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर आकर ज्ञापन लेने के लिए मजबूर किया।
भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप
घेराव प्रदर्शन के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए रायपुर ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी नीतियां अपना रही है। सरकार के कुप्रबंधन के कारण राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों और मैदानी क्षेत्रों में किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी (DAP) खाद और धान के प्रामाणिक बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस संकट के कारण प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की खेती-किसानी और बोआई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
खाद और बीजों की कमी से कृषि कार्य ठप
कांग्रेस पार्टी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि मानसून के आगमन के साथ ही किसानों को खेतों में खाद और बीजों की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। यदि इस महत्वपूर्ण समय पर उन्हें ये सामग्रियां नहीं मिलेंगी, तो पूरी फसल चक्र खराब हो जाएगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। विपक्षी दल ने दावा किया कि सहकारी समितियों से खाद-बीज गायब हैं और खुले बाजार में ऊंचे दामों पर इनकी कालाबाजारी हो रही है। कांग्रेस ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी, तो पूरे छत्तीसगढ़ में चक्काजाम और जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
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