UP Teacher Recruitment : उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली खबर आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) का बहुप्रतीक्षित ई-अधियाचन पोर्टल अब पूरी तरह से सक्रिय (एक्टिव) हो गया है। इस डिजिटल पोर्टल के लाइव होते ही राज्य के सरकारी विद्यालयों में 60 हजार से अधिक शिक्षकों की बंपर भर्ती का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। आयोग और सरकार की इस संयुक्त पहल से प्रदेश की प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के बीएसए (BSA) को जारी किए कड़े निर्देश
इस महा-भर्ती अभियान को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपनी कमर कस ली है। विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को सख्त और लिखित निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन निर्देशों के तहत सभी बीएसए को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र वाले जिलों के सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों का सटीक और पूरा ब्योरा तुरंत ई-अधियाचन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। जैसे ही सभी जिलों का यह डेटा अपलोडिंग का काम पूरा होगा, आयोग बिना किसी देरी के भर्ती से जुड़ी आगे की विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया शुरू कर देगा।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रिक्त पड़े पदों का पूरा आंकड़ा आया सामने
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में पूरे उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 60 हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। इन खाली पदों का वर्गीकरण देखा जाए तो इनमें से 11,508 पद शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में खाली हैं, जबकि एक बड़ा हिस्सा यानी लगभग 48 हजार पद ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े हैं। विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों के रिक्त पदों का ब्योरा पहले ही आयोग को भेजा जा चुका है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के पदों का डेटा भी तेजी से पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। इस भर्ती की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की सीधी भर्ती काफी लंबे अरसे के बाद होने जा रही है।
क्या होगी आवेदन के लिए अनिवार्य न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा?
इस आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा भी काफी अनुकूल रखी गई है। नियमों के मुताबिक, भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी अनिवार्य है। वहीं, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष प्रस्तावित की गई है। उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और सभी वर्ग की महिला उम्मीदवारों को राज्य सरकार के आरक्षण नीति के तहत अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की विशेष छूट दी जाएगी, जिससे उनकी अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष हो जाएगी।
कैसा होगा नया एग्जाम पैटर्न और कब तक हो सकती है परीक्षा?
इस बार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पैटर्न को लेकर भी कुछ बेहद अहम और नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चयन प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए परीक्षा पूरी तरह से वस्तुनिष्ठ यानी मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQ) आधारित होगी। उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से उन्हें सही उत्तर का चयन करना होगा। इस लिखित परीक्षा की कुल अवधि लगभग दो घंटे रहने की संभावना जताई गई है। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि परीक्षा का आयोजन सितंबर 2026 तक कराया जा सकता है, हालांकि इस संभावित तिथि की आधिकारिक पुष्टि मुख्य भर्ती अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी होने के बाद ही हो सकेगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है डिजिटल रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश सरकार और शिक्षा चयन आयोग इस बार पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और विवादों से मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी उद्देश्य से ई-अधियाचन पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए सभी रिक्तियों का एक मजबूत और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। डिजिटल प्रणाली होने से पदों की सही संख्या, विषयवार वर्गीकरण और आरक्षण की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट और सार्वजनिक रहेगी। इससे भविष्य में भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर मानवीय गड़बड़ी, भाई-भतीजावाद या भ्रष्टाचार की संभावना पूरी तरह से खत्म हो जाएगी और योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित होगा।
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