CG Congress : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित आदिवासी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में जल, जंगल, जमीन, वन अधिकार, पेसा कानून, आरक्षण, विस्थापन, रोजगार और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे विषयों पर मंथन करते हुए 12 सूत्रीय राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए रणनीति बनाने पर भी चर्चा की गई।

पारित प्रस्ताव में हसदेव अरण्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं और वन भूमि डायवर्जन की अनुमति रद्द करने, जनसंख्या के अनुपात में 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति आरक्षण लागू करने, वनाधिकार पट्टों का वितरण, पेसा कानून और संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित निर्दोष आदिवासियों की रिहाई, स्थानीय रोजगार में प्राथमिकता तथा ग्राम सभाओं के अधिकारों की रक्षा जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बैठक में समान नागरिक संहिता के दायरे से आदिवासी समाज को बाहर रखने, आदिवासियों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने, ‘वनवासी’ शब्द के प्रयोग का विरोध करने तथा आगामी जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग पहचान संबंधी प्रावधान किए जाने की भी मांग उठाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस के कई विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी और विभिन्न जिलों के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।











