PM Modi in France: फ्रांस में आयोजित होने वाले आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि शनिवार को व्हाइट हाउस द्वारा की गई है। व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह मुलाकात 17 जून को फ्रांस में निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष फरवरी महीने में वॉशिंगटन में हुई उनकी आखिरी बैठक के बाद, दोनों शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने की यह पहली रणनीतिक मुलाकात होगी। पीएम मोदी इस प्रतिष्ठित शिखर सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जहाँ वे मेजबान देश फ्रांस के राष्ट्रपति के अलावा दुनिया के कई अन्य प्रभावशाली नेताओं के साथ विभिन्न गंभीर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का महत्वपूर्ण दौरा
अपनी एक सप्ताह की कूटनीतिक यात्रा के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर हैं, और वे फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस (Nice) पहुँच चुके हैं। नीस आगमन के बाद वे सीधे जी-7 शिखर सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपनी इस विदेश यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा था कि देश की दीर्घकालिक रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस हमेशा से एक बेहद खास और भरोसेमंद स्थान रखता है। इसके साथ ही उन्होंने स्लोवाकिया की अपनी यात्रा को दोनों देशों के राजनयिक इतिहास में एक ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’ करार दिया, जो आने वाले समय में दोनों देशों के आपसी और व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगी।

भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी और रणनीतिक सहयोग पर मंथन
फ्रांस यात्रा के मुख्य एजेंडे के रूप में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक विशेष द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस रणनीतिक बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य सहयोग को और अधिक गहरा करने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वर्तमान समय में समुद्री क्षेत्रों (विशेषकर हिंद महासागर) में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत लगातार अपनी सैन्य और नौसैनिक क्षमताओं को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में, भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और अधिक मजबूत और व्यावहारिक बनाने के तरीकों पर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच विशेष और दूरगामी चर्चा होने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है।
होर्मुज स्ट्रेट संकट और जी-7 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एजेंडा
दूसरी ओर, ईरान के साथ चल रहे कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अगले सप्ताह फ्रांस में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस मंच पर ट्रंप अपने पश्चिमी सहयोगियों के साथ होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) जैसे संवेदनशील जलमार्ग से बारूदी सुरंगों को सुरक्षित रूप से हटाने की रणनीतिक योजनाओं पर बातचीत कर सकते हैं। जी-7 के प्रमुख सदस्य देशों, जैसे ब्रिटेन और फ्रांस, ने युद्धविराम (सीजफायर) के बाद इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग को सुरक्षित बनाने में सहयोग करने की इच्छा पहले ही जता दी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप इस सम्मेलन के इतर मिस्र, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करेंगे।
शांति समझौते के करीब पाकिस्तान: शहबाज शरीफ का बड़ा दावा
इस पूरे वैश्विक घटनाक्रम के बीच, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा अंतरराष्ट्रीय शांति समझौता अब “पहले से कहीं अधिक” नजदीक आ चुका है। शरीफ के मुताबिक, अगले 24 घंटों के भीतर इस समझौते को अंतिम रूप दे दिए जाने की पूरी उम्मीद है, जिसके लिए पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर (Electronic Signatures) करने की तैयारी में जुटा है। इसके ठीक बाद अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की आधिकारिक वार्ता शुरू होगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए पाकिस्तानी पीएम ने लिखा कि वे इस शांति वार्ता के दौरान निरंतर प्रतिबद्धता दिखाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं, साथ ही संकट के समय में समर्थन देने वाले क्षेत्रीय मित्र देशों का भी हार्दिक धन्यवाद करते हैं।











