Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की सियासत में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी हलचल और शिवसेना (UBT) के सांसदों की संभावित बगावत की खबरों पर आखिरकार पूरी तरह से विराम लग गया है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर बाजार में तैर रही तमाम अटकलों को उद्धव ठाकरे ने एक ही झटके में ध्वस्त कर दिया. मुंबई में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक में शिवसेना (UBT) के सभी 9 लोकसभा सांसद व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए.

पिछले चौबीस घंटों से मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह दावा किया जा रहा था कि उद्धव गुट के कई सांसद संपर्क से बाहर हैं और उनके फोन बंद आ रहे हैं. ऐसे तनावपूर्ण माहौल के बीच सभी सांसदों का एक साथ बैठक में पहुंचना उद्धव ठाकरे के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आया है, जबकि यह उनके राजनीतिक विरोधियों के लिए एक कड़ा और करारा जवाब माना जा रहा है.

अफवाहों का बाजार हुआ गर्म
यह बेहद अहम और रणनीतिक बैठक रविवार को मुंबई के बांद्रा स्थित उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ पर आयोजित की गई थी. बैठक शुरू होने से ठीक पहले तक राजनीतिक हलकों में यह अफवाह बेहद तेजी से फैल रही थी कि शिरडी लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे समेत पार्टी के तीन प्रमुख सांसद इस बैठक से नदारद हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
कयास तो यहां तक लगाए जाने लगे थे कि ये असंतुष्ट सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने की पूरी तैयारी कर चुके हैं. हालांकि, जैसे ही ‘मातोश्री’ के भीतर बैठक की औपचारिक शुरुआत हुई, वैसे ही इन सभी अफवाहों की हवा निकल गई. सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय जाधव और नागेश पाटिल अष्टिकर समेत सभी 9 लोकसभा सांसदों ने बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के प्रति अपनी पूर्ण निष्ठा और अटूट एकजुटता का प्रदर्शन किया.
आगामी संसद सत्र की रणनीति पर मंथन और जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्य रूप से संसद के आगामी सत्र को लेकर पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. उद्धव ठाकरे ने सभी सांसदों को संसद के भीतर जनता से जुड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने और सरकार को घेरने के निर्देश दिए. इसके साथ ही, महाराष्ट्र के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने तथा संगठन के विस्तार पर भी गहन मंथन हुआ. सभी सांसदों ने एक सुर में कहा कि वे पूरी ताकत के साथ उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार का उन पर कोई असर नहीं होने वाला है. इस बैठक की सफलता ने यह साबित कर दिया कि फिलहाल उद्धव ठाकरे अपने राजनीतिक कुनबे और सांसदों को पाला बदलने से रोकने में पूरी तरह कामयाब रहे हैं.
संजय राउत का विरोधियों पर तीखा हमला
शिवसेना (UBT) के सभी सांसदों की इस एकजुटता के बाद पार्टी के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपने विरोधियों पर जमकर भड़ास निकाली और तीखा हमला बोला. उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बगावत और सांसदों के टूटने की खबरों को पूरी तरह से मनगढ़ंत, बकवास और आधारहीन अफवाह करार दिया. संजय राउत ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि हमारे सभी 9 लोकसभा सांसद आज ‘मातोश्री’ में पूरी मजबूती के साथ मौजूद हैं. जो विरोधी दल और नेता हमारे सांसदों के टूटने की झूठी अफवाहें फैलाकर महाराष्ट्र की जनता को गुमराह कर रहे थे, आज की यह ऐतिहासिक बैठक उन सभी के मुंह पर एक बहुत बड़ा और करारा तमाचा है.
महाविकास अघाड़ी की एकजुटता का दावा
संजय राउत ने अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए पूरी दृढ़ता के साथ कहा कि शिवसेना (UBT) के टिकट पर जीतकर आए सांसद गद्दार नहीं हैं. वे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को मानने वाले सच्चे शिवसैनिक हैं, जो किसी भी प्रकार के केंद्रीय दबाव, जांच एजेंसियों के डर या किसी भी तरह के राजनीतिक लालच में आने वाले नहीं हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी दलों का गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) महाराष्ट्र में पूरी तरह से एकजुट है और उनके बीच कोई मतभेद नहीं है. राउत ने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में महाविकास अघाड़ी मिलकर चुनाव लड़ेगी और अपने तमाम राजनीतिक विरोधियों को करारी शिकस्त देगी. इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि शिंदे गुट का ‘ऑपरेशन टाइगर’ फिलहाल पूरी तरह फेल साबित हुआ है.
Read More : NEET Re Exam Admit Card : NEET UG 2026 री-एग्जाम का एडमिट कार्ड जारी, डायरेक्ट लिंक से डाउनलोड करें












