Roshan Anand Bail : पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद को आखिरकार अदालत से जमानत मिल गई है। जेल से रिहा होने के बाद अब वे अपने दिवंगत भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे। इससे पहले पटना सिविल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, लेकिन ताजा सुनवाई के बाद उन्हें राहत दे दी गई। कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए रोशन आनंद ने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं था और वे पुलिस प्रशासन की जांच में पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

अदालत की नसीहत: गुरु की तरह व्यवहार करें रोशन और खान सर
जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों को कड़ा संदेश दिया है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि खान सर और रोशन आनंद दोनों ही शिक्षक हैं, इसलिए उन्हें समाज में एक गुरु की तरह ही व्यवहार करना चाहिए। अदालत ने हिदायत दी कि दोनों शिक्षकों के बीच केवल एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (हेल्दी कॉम्पिटिशन) होनी चाहिए, न कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि। वहीं, रोशन आनंद के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पूरी तरह बेकसूर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर खान सर ने उन पर साजिश का आरोप लगाया था, तो उन्होंने अपने बॉडीगार्ड द्वारा की गई फायरिंग की बात को क्यों छुपाया?

मेडिकल ग्राउंड के कारण पहले टल गई थी मामले की सुनवाई
इस मामले में 12 जून को भी सुनवाई होने वाली थी, लेकिन खान सर के वकील ने अदालत से विशेष अनुमति मांगी थी। वकील ने अपने खराब स्वास्थ्य (मेडिकल ग्राउंड) का हवाला देते हुए कोर्ट में अनुपस्थित रहने की अपील की थी। विपक्ष के वकील के मौजूद न होने के कारण अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई को आगे के लिए टाल दिया था, जिसके बाद आज इस पर अंतिम फैसला आ सका।
खान सर की कोचिंग पर हमले के बाद हुई थी गिरफ्तारी
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2 जून को हुई थी, जब पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा हमला किया गया था। इस घटना के बाद खान सर ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रोशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। खान सर का आरोप था कि इस हमले के पीछे इन्हीं दोनों का हाथ है। इसके तुरंत बाद, 3 जून को तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उनका भाई प्रिंस यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया था।
नेपाल के होटल में प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
पुलिस से बचकर नेपाल भागा प्रिंस यादव वहां अपने कुछ दोस्तों के साथ एक होटल में ठहरा हुआ था। बीते 14 जून को उसी होटल के कमरे में अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में प्रिंस की मौत हो गई। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई। नेता तेज प्रताप यादव ने रोशन आनंद की तुरंत रिहाई की मांग उठाई ताकि वे अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। आज प्रिंस यादव के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार होना तय हुआ है, जिसमें रोशन आनंद शामिल होंगे।
खान सर ने जताया दुख, दोषी को फांसी देने की मांग की
प्रिंस यादव की अचानक हुई मौत पर खान सर ने भी अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने प्रिंस को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस दुखद घटना में किसी तीसरे पक्ष या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता होने की पूरी आशंका है। खान सर ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की और कहा कि वे इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रिंस की मौत के असली गुनहगार को ढूंढकर फांसी की सजा दी जाए।
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