Maharashtra Politics : महाराष्ट्र के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पश्चिम बंगाल की तर्ज पर एक बड़ा राजनीतिक ‘खेला’ होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ‘शिवसेना यूबीटी’ (UBT) में आज एक बहुत बड़ी टूट होने के आसार हैं। इस संभावित बगावत के कारण मुंबई से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक उद्धव कैंप के नेताओं में भारी बेचैनी और हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि उद्धव गुट के नाराज और बागी सांसद आज दिल्ली में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात करने वाले हैं, जिसके बाद राज्य की सियासत का पूरा समीकरण बदल सकता है।

संजय राउत ने बगावती सुर अपनाने वाले सांसदों पर साधा निशाना
पार्टी के भीतर मची इस भारी उथल-पुथल के बीच, शिवसेना यूबीटी के सबसे मुखर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी रुख अपनाने वाले सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक के बाद एक कई तीखे पोस्ट साझा कर टूटे हुए सांसदों पर न सिर्फ तंज कसा है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी भी दे डाली है। राउत के इन बयानों से साफ है कि उद्धव खेमे में इस बगावत को लेकर कितना गुस्सा और आक्रोश व्याप्त है।

राउत का तीखा सवाल: डरपोक लोमड़ी हो तो खुद को टाइगर क्यों कहते हो?
संजय राउत ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर बेहद आक्रामक अंदाज में लिखा कि नांदेड़ हवाई अड्डे पर अचानक एक चार्टर्ड विमान उतरता है और ‘ऑपरेशन टाइगर’ के नाम पर पार्टी के दो सांसदों को अपने साथ लेकर उड़ जाता है। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में आगे लिखा कि इन लोगों की औकात कभी एक ऑटो-रिक्शा में भी घूमने की नहीं थी, लेकिन ठाकरे नाम के बड़े ब्रांड की वजह से आज इनकी राजनीतिक कीमत इतनी बढ़ गई है कि ये लोग निजी विमानों से सफर कर रहे हैं। राउत ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय आने पर हर एक बात का पूरा हिसाब लिया जाएगा। जो डरपोक लोमड़ियों की तरह भाग गए, वे खुद को टाइगर (बाघ) कहना बंद करें।
बागी सांसदों की कीमत पर संजय राउत का एक और बड़ा हमला
अपने तीखे हमलों को जारी रखते हुए संजय राउत ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में बॉलीवुड के मशहूर गाने ‘अपना सपना मनी मनी’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दलबदल के खेल में हर एक सांसद के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 50 करोड़ रुपये तय किया गया है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये तो महज एडवांस के तौर पर दिए जा चुके हैं। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सच कहा जाए तो ये लोग व्यक्तिगत तौर पर 50,000 रुपये के भी लायक नहीं हैं। इनकी जो भी राजनीतिक कीमत आज बढ़ी है, वह सिर्फ शिवसेना और टीएमसी (TMC) जैसी पार्टियों के ब्रांड लेबल की वजह से है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे बागी सांसद
राजनीतिक गलियारों से मिल रही पुख्ता जानकारी के अनुसार, एकनाथ शिंदे का गुट आज ही उद्धव सेना के खिलाफ अपने इस ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंतिम अंजाम देने की पूरी योजना बना रहा है। श्रीकांत शिंदे के साथ होने वाली इस गुप्त बैठक के तुरंत बाद, उद्धव गुट के सभी बागी सांसद सीधे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करने संसद भवन जा सकते हैं। वे स्पीकर को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर अपने अलग समूह को मान्यता देने की मांग करेंगे। सूत्रों का दावा है कि लोकसभा में उद्धव कैंप के कुल 9 सांसदों में से 6 सांसद पूरी तरह से बागी हो चुके हैं और वे किसी भी वक्त शिंदे गुट में शामिल होने का औपचारिक एलान कर सकते हैं।
उद्धव ठाकरे की पार्टी से बगावत करने वाले प्रमुख सांसदों के नाम
उद्धव ठाकरे की पार्टी को मझधार में छोड़कर शिंदे गुट का दामन थामने वाले सांसदों की सूची भी अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। जिन सांसदों का नाम इस लिस्ट में सबसे पक्का माना जा रहा है, उनमें संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भानुसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही, महाराष्ट्र की राजनीति में यह भी चर्चा जोरों पर है कि नासिक लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद राजाभाउ वाजे का नाम भी शिंदे गुट में शामिल होने वाले संभावित नेताओं की लिस्ट में सबसे ऊपर चल रहा है।
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