Raipur Robbery : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई एक बड़ी लूट की वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बाइक पर सवार अज्ञात बदमाशों ने चाकू की नोक पर एक ठेकेदार के अकाउंटेंट को अपना शिकार बनाया और 10 लाख रुपए से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार दावे कर रही है। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल का मुआयना किया। इस घटना के बाद से नया रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चिंताएं बढ़ गई हैं। फिलहाल, पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और बदमाशों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।

सुनसान सड़क पर अकाउंटेंट को घेरकर दिया वारदात को अंजाम
मंदिर हसौद पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर डेहरिया एक निजी ठेकेदार के यहाँ अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। घटना के दिन, मंगलवार देर रात वह सेरीखेड़ी इलाके से नया रायपुर की ओर अपनी बाइक से जा रहा था। उसके पास ठेके से संबंधित कार्यों के भुगतान के लिए 10 लाख रुपए नकद थे। इसी दौरान मंदिर हसौद क्षेत्र के एक सुनसान मार्ग पर पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार लुटेरों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने मौका मिलते ही अकाउंटेंट की बाइक को जबरन रुकवाया। चाकू की नोक पर उसे धमकाते हुए आरोपियों ने नकदी से भरा बैग छीना और देखते ही देखते तेज रफ्तार बाइक पर सवार होकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए।

सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस की टीमें
वारदात के तुरंत बाद पीड़ित ने साहस दिखाते हुए पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सर्विलांस का भी सहारा लिया जा रहा है। थाना प्रभारी के अनुसार, बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो क्षेत्र के सभी संभावित ठिकानों और संदिग्धों पर नजर रख रही हैं। पुलिस का मानना है कि लुटेरे स्थानीय हो सकते हैं या उन्हें इस रास्ते की पूरी जानकारी थी।
‘इनसाइड जॉब’ की आशंका, करीबी लोगों से शुरू हुई पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस को सबसे बड़ा संदेह इस बात पर है कि लुटेरों को इतनी बड़ी नकदी के बारे में पहले से सटीक जानकारी थी। जिस तरह से बदमाशों ने सुनसान रास्ते पर अकाउंटेंट को रोका, उससे यह स्पष्ट है कि यह लूट पूर्व नियोजित थी। पुलिस अब इस ‘इनसाइड जॉब’ (अंदरूनी मिलीभगत) के एंगल से मामले की जांच कर रही है। इस कड़ी में ठेकेदार के दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों, परिचितों और अन्य लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी ने नकदी ले जाने की गुप्त जानकारी बदमाशों तक पहुँचाई थी। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूटी गई राशि बरामद कर ली जाएगी।
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